जनगणना के पहले चरण में 26 लाख से अधिक परिवारों ने स्व-गणना सुविधा का लाभ उठाया: रजिस्ट्रार जनरल

जनगणना के पहले चरण में 26 लाख से अधिक परिवारों ने स्व-गणना सुविधा का लाभ उठाया: रजिस्ट्रार जनरल

जनगणना के पहले चरण में 26 लाख से अधिक परिवारों ने स्व-गणना सुविधा का लाभ उठाया: रजिस्ट्रार जनरल
Modified Date: April 22, 2026 / 04:42 pm IST
Published Date: April 22, 2026 4:42 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में जारी जनगणना अभियान के पहले चरण के दौरान 26 लाख से अधिक परिवारों ने स्व-गणना सुविधा का लाभ उठाया है। भारत के रजिस्ट्रार जनरल (आरजीआई) ने बुधवार को यह जानकारी दी।

आरजीआई ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि ये आंकड़े जनगणना 2027 के लिए डिजिटल पहल में बढ़ती भागीदारी दर्शाते हैं।

आरजीआई ने कहा, ‘‘ऑनलाइन जानकारी प्रदान करने का विकल्प चुनकर, इन परिवारों ने राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का एक तेज, स्मार्ट और अधिक सुविधाजनक तरीका अपनाया है। चरण एक – गृह सूचीकरण और आवास गणना के लिए स्व-गणना सुविधा वर्तमान में चुनिंदा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में जारी है।’’

यह स्वतंत्रता के बाद से आठवीं जनगणना है, जो दो चरणों में आयोजित की जा रही है। पहला चरण आवास सूचीकरण और आवास गणना के रूप में जाना जाता है, और दूसरा जनसंख्या गणना है।

कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आवास सूचीकरण और आवास गणना के लिए क्षेत्र भ्रमण 16 अप्रैल से शुरू हो गए हैं। जनसंख्या गणना के लिए एक ठोस आधार प्रदान करने हेतु, इनमें देशभर में सभी संरचनाओं, घरों और परिवारों की सूची बनाई जाएगी।

एक महीने तक चलने वाले इस अभियान को प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच अधिसूचित किया जाएगा। स्वगणना के दौरान नागरिक एक पोर्टल के माध्यम से आवास सूचीकरण (एचएलओ) चरण के प्रश्नों के उत्तर दे सकते हैं।

आवश्यक विवरण भरने और प्रश्नों के उत्तर देने के बाद नागरिकों को एक विशेष आईडी प्राप्त होगी, जिसे वे एचएलओ प्रक्रिया के दौरान सत्यापन के लिए अपने घरों में आने वाले गणनाकर्ताओं को प्रदान करेंगे।

पहली बार, यह अभियान पूरी तरह से डिजिटल होगा, जिसमें गणनाकर्ता जानकारी एकत्र करने के लिए अपने फोन पर इस उद्देश्य के लिए बनाए गए एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे।

आवास सूचीकरण अभियान के दौरान, गणनाकर्ता प्रत्येक घर और इमारत का दौरा करेंगे और नागरिकों से उनके घरों में बुनियादी सुविधाओं, परिवार के मुखिया के बारे में जानकारी (जैसे नाम और लिंग) और स्वामित्व की स्थिति आदि के बारे में 33 प्रश्न पूछेंगे।

जनगणना का दूसरा चरण अगले साल शुरू होगा।

भाषा अमित नरेश

नरेश


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