एमएससी एल्सा तृतीय के मालिकों ने एक पोत की रिहाई के लिए अदालत में 1227 करोड़ रुपये जमा किए

एमएससी एल्सा तृतीय के मालिकों ने एक पोत की रिहाई के लिए अदालत में 1227 करोड़ रुपये जमा किए

एमएससी एल्सा तृतीय के मालिकों ने एक पोत की रिहाई के लिए अदालत में 1227 करोड़ रुपये जमा किए
Modified Date: January 8, 2026 / 09:06 pm IST
Published Date: January 8, 2026 9:06 pm IST

कोच्चि, आठ जनवरी (भाषा) केरल तट के पास डूबकर गंभीर प्रदूषण फैला रहे एमएससी एल्सा-तृतीय के मालिकों ने अपने एक अन्य पोत एमएससी अकिटेटा-द्वितीय को छुड़ाने के लिए केरल उच्च न्यायालय में 1,227.62 करोड़ रुपये की जमानत राशि जमा कराई है।

पोत मालिकों का प्रतिनिधित्व कर रहे एक वकील ने बताया कि यह राशि पिछले वर्ष दिसंबर के दूसरे सप्ताह में जमा की गई थी और उसी महीने के अंत तक पोत को रिहा कर दिया गया।

केरल उच्च न्यायालय ने चार दिसंबर 2025 को कंपनी को एक पूर्व आदेश में उल्लिखित कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड के स्थान पर स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक द्वारा 1,227.62 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी देने की अनुमति दी थी।

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वकील ने बताया कि इसके बाद बैंक गारंटी अदालत में जमा करा दी गई

उच्च न्यायालय ने सात जुलाई को एमएससी अकिटेटा द्वितीय को तब तक रोक के रखने का आदेश दिया था, जब तक उसके मालिक ‘मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (एमएससी)’ द्वारा 9,531 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा न करा दी जाए।

बाद में अदालत ने इस राशि को घटाकर 1,227.62 करोड़ रुपये कर दिया था।

एमएससी एल्सा-तृतीय पिछले वर्ष 25 मई को केरल तट के पास पलटकर डूब गई थी। आरोप है कि इससे तेल का रिसाव हुआ और समुद्री पर्यावरण को नुकसान पहुंचा और हजारों मछुआरों की आजीविका प्रभावित हुई।

भाषा

सुरेश प्रशांत

प्रशांत


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