राजस्थान में नगर निकाय प्रमुखों के चुनाव: कांग्रेस नेताओं ने पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया

राजस्थान में नगर निकाय प्रमुखों के चुनाव: कांग्रेस नेताओं ने पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया

राजस्थान में नगर निकाय प्रमुखों के चुनाव: कांग्रेस नेताओं ने पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाया
Modified Date: September 21, 2026 / 01:57 pm IST
Published Date: September 21, 2026 1:57 pm IST

जयपुर, 21 सितंबर (भाषा) राजस्थान में नगर निकायों के प्रमुखों के चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर नवनिर्वाचित पार्षदों पर दबाव बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन व अन्य सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

गहलोत ने एक बयान में कहा, ‘‘भाजपा अब लोकतंत्र की हत्या में सिर्फ राजस्थान पुलिस को ही नहीं, हरियाणा पुलिस को भी शामिल कर चुकी है।’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हनुमानगढ़ में निर्दलीय विधायक की गिरफ्तारी, प्रदेशभर में कई कांग्रेस पार्षदों को पुलिस-एसीबी के नोटिस और धमकियां, यह सब कम नहीं था कि अब तिजारा के कांग्रेस पार्षदों को हरियाणा के पंचकूला में रोक लिया गया और पूर्व विधायक संदीप यादव को गुड़गांव में बिना किसी कारण हिरासत में ले लिया गया।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जनता द्वारा चुने हुए पार्षदों को पुलिस के दम पर रोकना और बंधक बनाना दिखाता है कि यह चुनाव नहीं, जनता के जनादेश पर खुला कब्जा है।’’

उल्लेखनीय है कि राज्य में 273 नगर निकायों के प्रमुखों का चुनाव सोमवार को हो रहा है और गंगानगर ज़िले की श्रीविजयनगर नगरपालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव के दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प की ख़बरें भी सामने आईं।

नेता प्रतिपक्ष जूली ने भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘तिजारा में नगर निकायों का बोर्ड बनाने के लिए भाजपा इस कदर गिर चुकी है कि जनता द्वारा चुने हुए कांग्रेस पार्षदों को हरियाणा पुलिस ने रात से दादागीरी से रोक रखा है।’’

जूली ने कहा, ‘‘भाजपा जनादेश में हार चुकी है और अपनी हार की बौखलाहट में प्रदेश और पड़ोसी प्रदेशों की पुलिस और प्रशासन को आगे कर लोकतंत्र का चीरहरण कर रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जनादेश को लूटने का ऐसा उदाहरण कहीं नहीं मिलेगा।’’

हालांकि इन आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी या राज्य सरकार की ओर से कोई तुरंत प्रतिक्रिया नहीं आई।

जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘समय आएगा, मुख्यमंत्री जी, जनता की अदालत में आपकी भी पेशी लगेगी। आज जिस प्रकार का तांडव, तानाशाही और लोकतंत्र की हत्या आप पूरे राजस्थान में कर रहे हो, मैं समझता हूं कि यह राजस्थान के लोकतांत्रिक इतिहास पर एक कलंक है।’’

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजस्थान हमेशा से बहुत ही शांतिप्रिय राज्य रहा है और यहां ‘अतिथि देवो भव’ की परंपरा रही है, प्यार, प्रेम तथा भाईचारे की संस्कृति रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन आपने इतनी तानाशाही कर रखी है कि हमारे तिजारा के 18 पार्षदों को कल से हरियाणा बॉर्डर पर रोका हुआ है। जब वे शिमला से वापस आ रहे थे, तब उन्हें रोक लिया गया। राजस्थान की पुलिस भी आपके लिए काम कर रही है और हरियाणा की पुलिस भी। उन्हें वोट डालने से रोकने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है।’’

जूली के अनुसार उन्होंने इस बारे में राजस्थान निर्वाचन आयोग से भी बात की है और लिखित शिकायत भी दी है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय निर्वाचन आयोग को भी उन्होंने लिखित शिकायत भेजी है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर चुनाव इस तरह कराना था, तो कराना ही क्यों था? जैसा चल रहा था, वैसे ही चलने देते।’

नेता प्रतिपक्ष ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘आज सत्ता लूटने का जो काम आप कर रहे हो, सत्ता में बने रहने के लिए साम, दाम, दंड, भेद की जो नीति अपना रहे हो, उससे पुलिस और प्रशासन की प्रतिष्ठा तक दांव पर लग गई है। पुलिस के लोग स्वयं मुझसे कह रहे हैं कि हमने जीवन भर जो सम्मान कमाया था, वह एक चुनाव में खत्म हो गया।’

राज्य में 273 नगर निकायों में सभापति व अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को चुनाव हो रहा है। पांच निकायों में अध्यक्ष पदों के लिए 25 सितंबर को चुनाव होगा, वहीं 32 निकायों में अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है।

भाषा पृथ्वी पवनेश वैभव

वैभव


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