मुर्मू ने प्रगतिशाली भारत बनाने के लिए आंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की

मुर्मू ने प्रगतिशाली भारत बनाने के लिए आंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की

मुर्मू ने प्रगतिशाली भारत बनाने के लिए आंबेडकर के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की
Modified Date: April 13, 2026 / 08:59 pm IST
Published Date: April 13, 2026 8:59 pm IST

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को देश के संविधान के प्रमुख शिल्पकार डॉ. बी. आर. आंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर देशवासियों को बधाई दी और एक न्यायपूर्ण, समावेशी व प्रगतिशील भारत बनाने के लिए उनके आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि बाबासाहेब आंबेडकर एक न्यायविद, अर्थशास्त्री, विचारक, कानूनी विद्वान और समानतावादी सामाजिक व्यवस्था के प्रबल समर्थक थे।

मुर्मू ने एक संदेश में कहा, “उन्होंने समाज के वंचित और संवेदनशील वर्गों की उन्नति के लिए अपना जीवन समर्पित किया और उनके हक में ऐतिहासिक योगदान दिया।”

उन्होंने कहा, “आंबेडकर ने न केवल असमानताओं को समाप्त करने का मार्ग दिखाया, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों को मजबूत करने में भी अग्रणी भूमिका निभाई।”

राष्ट्रपति ने कहा, “इस अवसर पर, आइए हम बाबासाहेब आंबेडकर के आदर्शों को अपनी जिंदगी में आत्मसात करने और एक न्यायपूर्ण, समावेशी व प्रगतिशील राष्ट्र बनाने की दिशा में योगदान देने का संकल्प लें।”

मुर्मू ने 14 और 15 अप्रैल को मनाए वाले बैसाखी, विषु, बोहाग बिहू, पोइला वैशाख, मेषाडी, वैशाखाडी और पुथांदु जैसे आगामी फसली त्योहारों की पूर्व संध्या पर भी देशवासियों को बधाई दी।

राष्ट्रपति ने एक संदेश में कहा, “ये त्योहार देश भर में विभिन्न रूपों में मनाए जाते हैं, जो फसल सीजन का प्रतीक हैं। इन त्योहारों के माध्यम से हम मातृभूमि और हमारे अन्नदाता किसानों के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।”

मुर्मू ने कहा कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, कृषि परंपराएं और एकता इन त्योहारों के उत्सव के माध्यम से भी व्यक्त होती हैं।

भाषा जोहेब माधव

माधव


लेखक के बारे में