मुर्मू और मोदी ने ओडिशा को दी 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात

मुर्मू और मोदी ने ओडिशा को दी 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात

मुर्मू और मोदी ने ओडिशा को दी 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की सौगात
Modified Date: June 20, 2026 / 03:39 pm IST
Published Date: June 20, 2026 3:39 pm IST

(फोटो के साथ)

रायरंगपुर, 20 जून (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा में 47,600 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की विकास परियोजनाओं की संयुक्त रूप से शिलान्यास और लोकार्पण किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

ऊर्जा, औद्योगिक अवसंरचना, सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई जैसे क्षेत्रों से संबंधित इन परियोजनाओं का लोकार्पण ओडिशा में भाजपा सरकार के दो साल पूरे होने के मौके पर किया गया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इन योजनाओं का उद्देश्य राज्यभर में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करना, कनेक्टिविटी में सुधार लाना, ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देना तथा रोजगार के अवसर सृजित करना है।

इसके अनुसार, जिन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, उनमें 600 मेगावाट की ऊपरी इंद्रावती पंप भंडारण परियोजना तथा आईबी ताप विद्युत संयंत्र के चरण-द्वितीय शामिल हैं, जिसमें दो 660 मेगावाट की इकाइयां होंगी।

झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में ‘भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड’ परियोजना की आधारशिला भी रखी गई।

अन्य परियोजनाओं में भुवनेश्वर में प्रतिदिन 300 टन क्षमता वाला नगरपालिका ठोस अपशिष्ट आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र, भुवनेश्वर और कटक को जोड़ने वाला काठजोड़ी नदी पर एक पुल, तथा बौध जिले में ढलपुर-हरभंगा सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण शामिल हैं।

लगभग 732 करोड़ रुपये मूल्य की दो रेलवे परियोजनाएं भी राष्ट्र को समर्पित की गईं।

बयान के अनुसार, 19 किलोमीटर लंबी जखपुरा-जाजपुर क्योंझर रोड–बैतरणी रोड परियोजना से अत्यधिक व्यस्त हावड़ा-चेन्नई मुख्य लाइन पर भीड़भाड़ कम होने और यात्री एवं माल ढुलाई दोनों की आवाजाही में सुधार होने की उम्मीद है।

इसके अनुसार, नेताओं ने बौध में 300 बिस्तरों वाले जिला मुख्यालय अस्पताल भवन, 24 अटल बस स्टैंड और विभिन्न जिलों में नौ स्वचालित परीक्षण केंद्रों का भी उद्घाटन किया।

बयान के अनुसार, अन्य परियोजनाओं में राष्ट्रीय राजमार्ग-57 पर नयागढ़ टाउन बाईपास और रायरंगपुर में एक खेल परिसर और जनजातीय अनुसंधान केंद्र शामिल हैं।

भाषा

देवेंद्र दिलीप

दिलीप


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