MP News: विदेश जाने के लिए अब अफसरों को लेनी होगी अनुमति, बदला बैठकों का भी पैटर्न, फिजूलखर्ची रोकने सरकार ने लाया नया नियम

विदेश जाने के लिए अब अफसरों को लेनी होगी अनुमति, बदला बैठकों का भी पैटर्न, Now officers will have to take permission to go abroad

MP News: विदेश जाने के लिए अब अफसरों को लेनी होगी अनुमति, बदला बैठकों का भी पैटर्न, फिजूलखर्ची रोकने सरकार ने लाया नया नियम
Modified Date: June 20, 2026 / 04:11 pm IST
Published Date: June 20, 2026 4:11 pm IST

भोपाल। MP News: मध्यप्रदेश सरकार ने सरकारी खर्चों में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए नई पहल शुरू की है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने सभी विभागों को निर्देश जारी करते हुए सरकारी फिजूलखर्ची पर लगाम लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने को कहा है।

MP News:  जारी निर्देशों के अनुसार अब विभागीय सचिवों को प्रदेश के बाहर किसी भी आधिकारिक यात्रा पर जाने से पहले मुख्य सचिव से पूर्व स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। सरकार का उद्देश्य अनावश्यक यात्राओं और खर्चों को नियंत्रित करना है। सामान्य प्रशासन विभाग ने विभागों को यह भी निर्देश दिया है कि बैठकों, समीक्षा कार्यक्रमों और प्रशिक्षण सत्रों के आयोजन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को प्राथमिकता दी जाए। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी तथा प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ेगी।

निर्देशों में अधिकारियों और कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन के उपयोग तथा कार-पूलिंग को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की खपत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण, सौर ऊर्जा के उपयोग, प्राकृतिक खेती और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। विभिन्न विभागों को इन अभियानों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन उपायों से न केवल सरकारी खर्चों में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों से निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।