फिल्मों में मेरे किरदारों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी: हेमा मालिनी
फिल्मों में मेरे किरदारों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी: हेमा मालिनी
( तस्वीर सहित )
नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद और अभिनेत्री हेमा मालिनी ने शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित संशोधन विधेयकों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने फिल्मों में ऐसे कई किरदार किए हैं जिनसे महिलाओं, खासकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा मिली।
हेमा ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा, ‘‘फिल्मों में पहले लड़कियां काम नहीं करती थीं। पुरुष ही महिलाओं के वस्त्र पहनकर काम करते थे। बाद में मीना कुमारी, नरगिस और मधुबाला जैसी अभिनेत्रियां आईं।’’
हेमा मालिनी ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में अभिनेत्री और नृत्यांगना के रूप में बहुत संघर्ष किया है और तब उन्हें यह पहचान मिली है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरी पहली फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ में मैंने बंजारन की भूमिका निभाई थी। उसके बाद ‘सीता और गीता’ में गीता के किरदार को सब जानते हैं। ‘शोले’ में बसंती का प्रसिद्ध किरदार किया जो तांगे चलाकर जीवनयापन करने वाली महिला थी। एक फिल्म में पुलिस अधिकारी की भूमिका की।’’
हेमा ने कहा, ‘‘मैंने ऐसे कई किरदार किए जिससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की पेरणा मिली।’’
उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक हर उस महिला के लिए है जो अपनी पहचान और सम्मान के लिए लड़ रही है।
हेमा मालिनी ने यह भी कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल कानून बनाने से नहीं होगा, बल्कि समाज की सोच बदलनी होगी और बेटियों को समान अवसर देना होगा।
उन्होंने कहा कि सभी को दलगत राजनीति से उठकर इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए।
भाषा वैभव मनीषा
मनीषा

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