एनबीटी ने बच्चों को हिंदी साहित्य से परिचित कराने के लिए दो शृंखलाओं में किताबें पेश कीं
एनबीटी ने बच्चों को हिंदी साहित्य से परिचित कराने के लिए दो शृंखलाओं में किताबें पेश कीं
नयी दिल्ली, दस जून (भाषा) राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) ने बच्चों और किशोरों में साहित्य के प्रति रुचि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रख्यात हिंदी साहित्यकारों की कहानियों पर आधारित किताबों की दो शृंखला शुरू की है।
बच्चों को साहित्यिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गयी इन शृंखला के तहत उन्हें प्रेमचंद, जयशंकर प्रसाद, फणीश्वरनाथ रेणु, विष्णु प्रभाकर, यशपाल जैन और मोहन राकेश जैसे हिंदी साहित्यकारों की रचनाओं को पढ़ने-समझने का मौका मिलेगा।
इस पहल के तहत अब आठ से 12 साल के बच्चों को प्रेमचंद की ‘मिट्ठू’, और ‘नादान दोस्त’, भीष्म साहनी की ‘चमगादड़ का रस’ और ‘दो गौरैया’ जैसी रचनाएं पढ़ने को मिलेंगी। सचित्र और सहज सरल भाषा में पेश ये कहानियां जहां बच्चों को जीवों की संवेदनाओं और प्रकृति को समझने में मदद करेंगीं वहीं जयशंकर प्रसाद की प्रसिद्ध कहानी ‘छोटा जादूगर’ एक ऐसे बच्चे से परिचित करवाएगी जो छोटा होते हुए भी अपने कर्तव्य के निर्वहन से बड़ा हो जाता है।
जयशंकर की यह कहानी अभाव में भी जिम्मेदारी को समझने और आत्मविश्वास न खोने की प्रेरणा देने वाली कहानी है।
एनबीटी द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, एनबीटी ने बच्चों एवं किशोरों की पुस्तकों की दो नई शृंखलाएं पेश की जिनमें ‘साइकिल की सवारी’, ‘कुंजी’, ‘सबसे सुंदर लड़की’, ‘दो गौरैया’, ‘चमगादड़ का रस’, ‘मिट्ठू’, ‘त्रिशंकु व अन्य कहानियां’, ‘झबरी व अन्य कहानियां’, और ‘कदंब के फूल एवं अन्य कहानियां’ शामिल हैं।
इन दो शृंखलाओं के जरिए बच्चों को फणीश्वरनाथ रेणु, विष्णु प्रभाकर, हजारी प्रसाद द्विवेदी, सुमित्रानंदन पंत, कमलेश्वर, सुभद्रा कुमारी चौहान, अमृतलाल नागर, ओमप्रकाश वाल्मीकि, यशपाल जैन और मोहन राकेश जैसे साहित्यकारों की रचनाओं को पढ़ने का मौका मिलेगा।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन कहानियों के माध्यम से बच्चों को हिंदी साहित्य की विविध शैली, भाषा और संवेदना से परिचित होने का मौका मिलेगा।
इसके साथ ही ‘किशोरों के लिए भारतीय कथाएं’ एनबीटी की एक महत्वपूर्ण प्रकाशन पहल है जिसका उद्देश्य भारत की विविध भाषाओं और साहित्यिक परंपराओं से चयनित उत्कृष्ठ कथाओं को किशोर पाठकों तक पहुंचाना है।
इस श्रेणी में किशोर पाठकों को मन्नू भंडारी, सुभद्रा कुमारी चौहान, नरेंद्र कोहली, चंद्रकिरण सौनरेक्सा, उषाकिरण खान, विष्णु प्रभाकर, मालती जोशी, भगवती शरण मिश्र, हिमांशु जोशी, सुदर्शन, आनंद प्रकाश जैन जैसे विविध रचनाधर्मी लेखकों की रचनाओं को संकलित किया गया है।
बच्चों और किशोरों के लिए प्रकाशित इन पुस्तकों की एक खासियत उनका चित्रांकन है जहां कहानियों को बच्चों की रूचि और मनोविज्ञान के अनुरूप रंगीन चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
भाषा नरेश
प्रशांत
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