एनसीएससी ने यादवपुर विश्वविद्यालय में जाति आधारित दुर्व्यवहार के आरोपों पर रिपोर्ट मांगी
एनसीएससी ने यादवपुर विश्वविद्यालय में जाति आधारित दुर्व्यवहार के आरोपों पर रिपोर्ट मांगी
कोलकाता, एक सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) ने जाति आधारित दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी के आरोपों से संबंधित एक शोधार्थी की शिकायत पर यादवपुर विश्वविद्यालय और कोलकाता पुलिस से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।
विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि उन्हें नोटिस मिल गया है और कुलपति कार्यालय इन आरोपों की जांच कर रहा है।
आयोग ने बताया कि उसे 22 अगस्त को ‘जल संसाधन अभियांत्रिकी स्कूल’ के शोधार्थी निखिल दास की ओर से एक शिकायत मिली थी।
आयोग ने कहा कि दास ने आरोप लगाया है कि पीएचडी करने वाले एक साथी छात्र ने उसके साथ जाति-आधारित दुर्व्यवहार और उत्पीड़न किया तथा उसे जान से मारने की धमकी दी।
आयोग ने संबंधित प्रशासनों से नोटिस मिलने के सात दिन अंदर कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने को कहा।
कथित पीड़ित दास ने कहा, ‘‘19 अगस्त को विद्यार्थियों के एक समूह ने मेरी पिटाई की और मारने की धमकी दी। मैंने आयोग के सामने अपनी शिकायतें रखीं क्योंकि विश्वविद्यालय ने अब तक इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। मैं न्याय का इंतजार कर रहा हूं।’’
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की यादवपुर विश्वविद्यालय इकाई के पदाधिकारी शुभब्रत अधिकारी ने आरोप लगाया कि दास पर धुर-वामपंथी छात्र कार्यकर्ताओं ने हमला किया, जो ‘राष्ट्रवादी और देशभक्त लोगों पर इसलिए हमला करते हैं क्योंकि वे उनकी राष्ट्र-विरोधी और जिहादी साजिशों के खिलाफ आवाज उठाते हैं।’
विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन आरोपों की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इन आरोपों की जांच के लिए एक समिति बनाने की संभावना पर विचार कर रहे हैं।’’
कुलपति चिरंजीब भट्टाचार्य और रजिस्ट्रार सलीम बॉक्स मंडल टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थे।
पिछले हफ़्ते यादवपुर विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं और अभाविप कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थीं। भाषा राजकुमार जोहेब
जोहेब

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