हैदराबाद, 20 जून (भाषा) एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार से मांग की कि वह पाकिस्तान को दोबारा एफएटीएफ की ‘‘ग्रे लिस्ट’’ में डलवाने का प्रयास करे।
हैदराबाद के सांसद ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘विवेक अग्रवाल एफएटीएफ के उपाध्यक्ष चुने जाने वाले पहले भारतीय हैं। नरेन्द्र मोदी नीत सरकार को पाकिस्तान को ‘ग्रे लिस्ट’ में दुबारा डलवाने का काम करना चाहिए।’’
ओवैसी ने कहा कि ‘द रेजिस्टेंस फोर्स’ (टीआरएफ) को लेकर अमेरिका की सूची का ‘‘कोई खास फायदा नहीं’’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘टीआरएफ को संयुक्त राष्ट्र की सूची में शामिल करने की ज़रूरत है। मोदी सरकार को आईएसआई को भी सूची में शामिल करवाने की कोशिश करनी चाहिए थी और ज़रूर करनी चाहिए; हमें नवंबर 2025 में लालकिले पर हुए आत्मघाती धमाके को याद रखना चाहिए।’’
इससे पहले, अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा के मुखौटा संगठन टीआरएफ को वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित किया था, जिसने पहलगाम आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी ली थी।
शुक्रवार को भारत को पहली बार वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) की उपाध्यक्षता मिली। यह एक वैश्विक संस्था है, जो धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने के लिए मानक तय करती है।
भारत 2010 से इस प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संस्था का सदस्य रहा है।
पेरिस में संगठन के मुख्यालय में हुई पूर्ण बैठक के समापन पर, केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल को संगठन का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
जो देश धनशोधन और आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने के लिए अपनी व्यवस्था में मौजूद रणनीतिक कमियों को दूर करने में विफल रहते हैं और जिनकी कड़ी निगरानी की जाती है, उन्हें एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में डाल दिया जाता है।
भाषा नेत्रपाल दिलीप
दिलीप