लखनऊ, 20 जून (भाषा) अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 12वें आयोजन के अवसर पर 21 जून, रविवार को उत्तर प्रदेश के 1.32 लाख से अधिक सरकारी विद्यालयों और 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत लगभग 1.43 करोड़ छात्र-छात्राएं सामूहिक योग सत्रों में शामिल होंगे।
राज्य सरकार की ओर से शनिवार को जारी एक बयान के अनुसार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रदेश भर के विद्यालयों में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षक, शिक्षा मित्र, अनुदेशक और अभिभावक भी हिस्सा लेंगे। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में अध्ययनरत 78,000 से अधिक छात्राएं भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगी।
इन कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी और समन्वय के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
बयान में कहा गया है कि योग को जन-जन तक पहुंचाने और स्वस्थ जीवनशैली की आधारशिला बनाने के राज्य सरकार के प्रयास इस वर्ष के आयोजन में भी परिलक्षित होंगे। गांवों से लेकर शहरों तक विद्यालय परिसरों में योग संबंधी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में बेसिक शिक्षा विभाग ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
केंद्रीय आयुष मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश के सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों तथा खंड शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल औपचारिक आयोजन बनकर न रह जाए, बल्कि विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ आदतों और सकारात्मक जीवनशैली का स्थायी संदेश छोड़ सके।
विभाग के निर्देशों के अनुसार 21 जून को विद्यालयों में सामूहिक योगाभ्यास, प्राणायाम सत्र और योग के महत्व पर आधारित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यार्थियों को योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों की जानकारी भी दी जाएगी।
योग के संदेश को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने के लिए अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में योग को विद्यालयी जीवन और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जोड़ने के लिए अनेक पहल की गई हैं। विद्यालयों में नियमित रूप से योग गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, अनुशासन, एकाग्रता और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया गया है।
बयान के अनुसार, 21 जून का यह व्यापक कार्यक्रम न केवल योग की वैश्विक पहचान को और मजबूत करेगा, बल्कि स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी युवा पीढ़ी के निर्माण के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगा।
भाषा
जफर रवि कांत