देश में एक साथ चुनाव वक्त की जरूरत : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
देश में एक साथ चुनाव वक्त की जरूरत : मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता
नयी दिल्ली, एक जुलाई (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने देश में एक साथ चुनाव को वक्त की जरूरत बताते हुए बुधवार को कहा कि अगर लोकसभा और सभी विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएं तो इससे ऊर्जा, समय और संसाधनों की बड़ी बचत होगी।
गुप्ता ने यह भी कहा कि बार-बार होने वाले चुनावों के कारण प्रशासनिक व्यवस्था लंबे समय तक चुनावी प्रक्रिया में व्यस्त रहती है तथा आचार संहिता लागू होने से विकास कार्य प्रभावित होते हैं और सरकारी तंत्र का बड़ा हिस्सा चुनावी दायित्वों में लग जाता है।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से दिल्ली जैसे छोटे राज्य में चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगने से शिक्षा व्यवस्था सहित अनेक सार्वजनिक सेवाएं प्रभावित होती हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के मुताबिक, गुप्ता ने यह टिप्पणी दिल्ली सचिवालय में ‘एक देश एक चुनाव’ से जुड़े दो संशोधन विधेयकों पर चर्चा के लिए आए संसद की संयुक्त संसदीय समिति के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए की।
इसमें कहा गया है कि यह समिति संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 के विभिन्न प्रावधानों पर राज्यों एवं अन्य हितधारकों से सुझाव प्राप्त करने के उद्देश्य से आई थी।
गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार इस महत्वपूर्ण विषय पर पूरी गंभीरता एवं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समिति को अपने विस्तृत सुझाव भी उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रहित में एक ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए जिससे सरकारें बिना अनावश्यक व्यवधान के पूरे मनोयोग से जनता के विकास के लिए कार्य कर सकें।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव के करीब एक साल बाद होता है और अगर राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित करने के लिए दिल्ली विधानसभा के कार्यकाल में आवश्यक समायोजन करना पड़े तो दिल्ली सरकार सकारात्मक सोच के साथ इस पर विचार करने को तैयार है।
बयान के अनुसार, समिति के अध्यक्ष और सांसद पी. पी. चौधरी के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, सांसद विष्णु दयाल राम, भर्तृहरि महताब, डॉ. संबित पात्रा, विष्णुदत्त शर्मा, सुखदेव भगत, जीएम हरीश बालयोगी, के. राधाकृष्णन, घनश्याम तिवारी, कविता पाटीदार और संजय जयसवाल शामिल थे।
बैठक के दौरान समिति ने दोनों संशोधन विधेयकों से जुड़े संवैधानिक, विधिक और प्रशासनिक पहलुओं पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। चर्चा में लोकसभा एवं विधानसभाओं के चुनावों का समन्वय, चुनावी चक्र का एकीकरण, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सरकार अधिनियम पर संभावित प्रभाव, प्रशासनिक तैयारियों इत्यादि सहित अनेक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
भाषा नोमान शफीक
शफीक

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