अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता : जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़ी निगरानी की आवश्यकता : जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक
जम्मू, 26 अप्रैल (भाषा) जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में सीमावर्ती क्षेत्रों की रणनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़ी निगरानी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। जम्मू-सांबा-कठुआ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक श्रीधर पाटिल ने यह बात कही।
पुलिस प्रवक्ता ने रविवार को बताया कि पाटिल ने कठुआ के जिला पुलिस लाइंस में सभी पर्यवेक्षक अधिकारियों के साथ एक व्यापक सुरक्षा और अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये टिप्पणियां कीं।
उन्होंने अधिकारियों को राष्ट्रविरोधी तत्वों की किसी भी नापाक साजिश को प्रभावी ढंग से विफल करने के लिए कड़ी चौकसी और उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखने का निर्देश दिया।
प्रवक्ता ने बताया कि अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे सीमा पर मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कड़ी जांच, गश्त में वृद्धि और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करें।
कठुआ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहिता शर्मा ने कठुआ जिला पुलिस की कार्यप्रणाली को रेखांकित करते हुए एक विस्तृत प्रस्तुति दी, साथ ही जिले के अपराध और सुरक्षा परिदृश्य का एक व्यापक विवरण भी पेश किया।
वहीं, अधिकारियों ने रविवार को बताया कि विकास संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से जम्मू कश्मीर के कठुआ जिले में रणनीतिक रूप से स्थित छह सीमावर्ती गांवों को केंद्र के ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-दो’ के अंतर्गत लाया गया है। इसका लक्ष्य कल्याणकारी योजनाओं का पूर्ण प्रसार सुनिश्चित करना है।
उन्होंने बताया कि शनिवार को कठुआ के उपायुक्त राजेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बोबिया, कडियाला, गजनाल, करोल कृष्णा, रथुआ और गुज्जर चक गांवों की पहचान की गई।
प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर जोर देते हुए शर्मा ने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी और विभागों के बीच घनिष्ठ समन्वय के साथ अंतिम रूप दी गई योजनाओं का समय पर कार्यान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
भाषा
शुभम दिलीप
दिलीप

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