NEET 2026 Paper Leak : बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए खरीदा 10 लाख का लीक पेपर, फिर भी आए सिर्फ 107 नंबर! CBI पूछताछ में आरोपी का चौंकाने वाला कबूलनामा

Central Bureau of Investigation (CBI) की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। गिरफ्तार आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने बेटे के लिए 10 लाख रुपये में NEET का कथित लीक प्रश्नपत्र खरीदा था, लेकिन इसके बावजूद छात्र परीक्षा में केवल 107 अंक ही हासिल कर सका।

NEET 2026 Paper Leak : बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए खरीदा 10 लाख का लीक पेपर, फिर भी आए सिर्फ 107 नंबर! CBI पूछताछ में आरोपी का चौंकाने वाला कबूलनामा

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Modified Date: May 15, 2026 / 02:11 pm IST
Published Date: May 15, 2026 2:08 pm IST
HIGHLIGHTS
  • आरोपी ने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए 10 लाख रुपये में कथित लीक पेपर खरीदा।
  • पेपर मिलने के बावजूद छात्र को NEET में केवल 107 अंक मिले।
  • CBI नासिक, गुरुग्राम और सीकर से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

नई दिल्ली : NEET 2026 Paper Leak : नीट पेपर लीक केस की जांच कर रही सीबीआई (CBI) के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। गिरफ्तार आरोपी दिनेश बिवाल ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए 10 लाख रुपये में लीक पेपर खरीदा था। लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इतना पैसा खर्च करने और हाथ में पेपर होने के बावजूद उसका बेटा परीक्षा में केवल 107 नंबर ही ला सका।

बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए ख़रीदा था पेपर

मिली जानकारी के अनुसार, यह नेटवर्क नासिक से गुरुग्राम और फिर राजस्थान के सीकर तक फैला हुआ था। CBI Investigation NEET आरोपी दिनेश ने अपने बेटे ऋषि के लिए डील की थी, जिसे टेलीग्राम पर पीडीएफ के जरिए प्रश्नपत्र भेजे गए थे। आरोपियों ने दावा किया था कि वे 500-600 ऐसे सवाल देंगे जिनसे बड़े मेडिकल कॉलेज में एडमिशन पक्का हो जाएगा।

सीकर के एक फ्लैट से पहुंचाया जा रहा था पेपर

जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क में शामिल लोग कूरियर की तरह काम कर रहे थे और सीकर के एक फ्लैट से छात्रों तक पेपर पहुंचा रहे थे। सीबीआई को शक है कि इस खेल में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के कुछ अधिकारियों की भी मिलीभगत हो सकती है।

Telegram Paper Leak PDF पांच आरोपी रिमांड पर

फिलहाल कोर्ट ने पांचों आरोपियों को 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी अब मोबाइल चैट, डिलीट किए गए डेटा और पैसों के लेन-देन के ट्रेल को खंगाल रही है। मुख्य आरोपी यश यादव ने अपने फोन से कई सबूत मिटाने की कोशिश की थी, जिसे अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। सीबीआई को उम्मीद है कि डेटा रिकवर होते ही इस रैकेट के पीछे छिपे कई और बड़े नाम और कोचिंग संस्थानों की भूमिका साफ हो जाएगी।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.