नीट प्रश्नपत्र लीक: एनएसयूआई ने आईआईएम-अहमदाबाद के बाहर प्रधान के खिलाफ काले झंडे लहराए
नीट प्रश्नपत्र लीक: एनएसयूआई ने आईआईएम-अहमदाबाद के बाहर प्रधान के खिलाफ काले झंडे लहराए
(फोटो के साथ)
अहमदाबाद, 14 मई (भाषा) कांग्रेस से संबद्ध भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन(एनएसयूआई) के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को यहां केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और काले झंडे लहराते हुए नीट-यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर उनके इस्तीफे की मांग की।
यह विरोध प्रदर्शन आईआईएम-अहमदाबाद के परिसर के बाहर हुआ, जहां प्रधान भारतीय प्रबंध संस्थानों के समन्वय मंच की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए पहुंचे थे।
मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए तीन मई को आयोजित नीट (यूजी) 2026 परीक्षा को प्रश्रपत्र लीक के आरोपों के मद्देनजर मंगलवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने रद्द कर दिया। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पेपर लीक के संबंध में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। यह परीक्षा रद्द होने से 22 लाख से अधिक मेडिकल उम्मीदवारों के भविष्य पर अनिश्चितता छा गयी है।
कांग्रेस की गुजरात इकाई के प्रवक्ता पार्थिवराजसिंह कथवाडिया ने कहा, ‘‘मंत्री की उपस्थिति की जानकारी मिलते ही एनएसयूआई सदस्य परिसर के बाहर जमा हो गए और जब उनकी कार संस्थान परिसर से निकल रही थी तो उन्होंने काले झंडे लहराए। हम मांग करते हैं कि प्रधान प्रश्नपत्र लीक की जिम्मेदारी लें और तत्काल इस्तीफा दें।’’
इस बीच पत्र सूचना कार्यालय की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधान ने शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आईआईएम अहमदबाद के सहयोग से आयोजित समन्वय मंच की बैठक की अध्यक्षता की। प्रधान आईआईएम के समन्वय मंच के अध्यक्ष हैं।
इस बैठक में आईआईएम के संचालक मंडलों के अध्यक्ष, आईआईएम के निदेशक और उच्च शिक्षा विभाग तथा गुजरात और उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया ।
विज्ञप्ति में कहा गया कि छात्र कल्याण, संस्थागत समन्वय, अकादमिक उत्कृष्टता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर ध्यान केंद्रित करते हुए, विकसित भारत 2047 को आकार देने में आईआईएम की भूमिका पर चर्चा हुई। भारत के आईआईएम राष्ट्र निर्माण और आर्थिक परिवर्तन के सशक्त उत्प्रेरक के रूप में उभरने के साथ ही नेतृत्व और प्रबंधन शिक्षा में उत्कृष्टता के वैश्विक आदर्श भी बन गए हैं।
प्रधान ने कहा, ‘‘नवोन्मेषी तंत्र को पोषित कर, उभरती वैश्विक चुनौतियों के अनुकूल ढलकर और मूल्यों पर आधारित शिक्षा को बढ़ावा देकर, आईआईएम राष्ट्रीय संपदा के रूप में विकसित हो सकते हैं जो भारत के एक विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।’’
भाषा आशीष राजकुमार
राजकुमार

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