एर्नाकुलम अस्पताल में हृदय प्रतिरोपण कराने वाली नेपाली महिला की मौत

एर्नाकुलम अस्पताल में हृदय प्रतिरोपण कराने वाली नेपाली महिला की मौत

एर्नाकुलम अस्पताल में हृदय प्रतिरोपण कराने वाली नेपाली महिला की मौत
Modified Date: January 23, 2026 / 10:54 am IST
Published Date: January 23, 2026 10:54 am IST

कोच्चि (केरल), 23 जनवरी (भाषा) एर्नाकुलम के सरकारी अस्पताल में हृदय प्रतिरोपण कराने वाली 21 वर्षीय नेपाली महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। अस्पताल के प्राधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि दुर्गा कामी का हृदय प्रतिरोपण के बाद आवश्यक उपचार किया जा रहा था तभी बृहस्पतिवार रात उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी।

उन्होंने बताया कि चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और रात करीब 10 बजकर पांच मिनट पर उसकी मौत हो गई।

वह ‘हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी’ नामक एक दुर्लभ आनुवंशिक हृदय रोग से पीड़ित थी। ‘हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी’ ऐसी स्थिति है जिसमें हृदय की मांसपेशियां मोटी हो जाती हैं और हृदय के लिए रक्त को प्रभावी ढंग से पंप करना मुश्किल हो जाता है।

नेपाल के नेपालगंज की रहने वाली कामी के माता-पिता की पहले की मौत हो चुकी थी और हृदय प्रतिरोपण के लिए केरल आने से पहले वह एक अनाथालय में रहती थी।

वह केरल राज्य अंग एवं ऊतक प्रतिरोपण संगठन में पंजीकृत थी और केरल उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद उसे प्राथमिकता सूची में शामिल किया गया।

हृदय प्रतिरोपण के लिए ऑपरेशन 21 दिसंबर, 2025 को किया गया था। यह राज्य में किसी सरकारी सामान्य अस्पताल में किया गया पहला हृदय प्रतिरोपण था।

अस्पताल प्राधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद उसकी हालत में उल्लेखनीय सुधार हुआ था।

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने ‘फेसबुक’ के जरिए कहा कि काफी प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। उन्होंने बताया कि यह बेहद दुखद खबर उन्हें एर्नाकुलम अस्पताल अधीक्षक डॉ. शाहिरशा ने फोन पर दी।

मंत्री ने कहा, ‘‘जीवन रक्षक प्रणाली हटाए जाने के बाद कामी की हालत स्थिर हो गई थी। फिजियोथेरेपी भी शुरू कर दी गई थी जिससे काफी उम्मीदें जगी थीं।’’

उन्होंने कहा कि एर्नाकुलम सामान्य अस्पताल की टीम ने उसकी जान बचाने और उसे सामान्य स्थिति में लाने के लिए हर संभव कोशिश की।

उन्होंने कहा, ‘‘हम युवती के भाई और उसके अन्य प्रियजन के प्रति संवेदना व्यक्त करते हैं।’’

भाषा

सिम्मी मनीषा

मनीषा


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