कड़ाके की ठंड के बीच एनजीओ ने गरीबों के लिए बचाव और चिकित्सा सहायता अभियान तेज किए

कड़ाके की ठंड के बीच एनजीओ ने गरीबों के लिए बचाव और चिकित्सा सहायता अभियान तेज किए

कड़ाके की ठंड के बीच एनजीओ ने गरीबों के लिए बचाव और चिकित्सा सहायता अभियान तेज किए
Modified Date: January 4, 2026 / 07:38 pm IST
Published Date: January 4, 2026 7:38 pm IST

नयी दिल्ली, चार जनवरी (भाषा) दिल्ली में इस समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) ने राष्ट्रीय राजधानी में बेसहारा और बेघर लोगों की सुरक्षा के लिए समन्वित प्रयास तेज कर दिए हैं।

दिल्ली स्थित कई गैर सरकारी संगठन खुले में सो रहे लोगों को ठंड से बचाने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं, सरकारी बचाव वैन के साथ समन्वय कर रहे हैं और गरीबों के लिए आश्रय, गर्म कपड़े और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था कर रहे हैं।

सेंटर फॉर होलिस्टिक डेवलपमेंट (सीएचडी) नामक एक संगठन के अनुसार, इस सर्दी के मौसम में अब तक दो हजार से अधिक बेघर लोगों को बचाया जा चुका है।

 ⁠

सीएचडी के कार्यकारी निदेशक सुनील कुमार अदेलिया ने कहा, ‘हमने 2,000 से अधिक लोगों को बचाया है, स्लीपिंग बैग वितरित किए हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सरकारी वैन के साथ मिलकर काम किया है। हम मौजूदा आश्रय स्थलों के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत कर रहे हैं और उन खाली पड़ी इमारतों की पहचान कर रहे हैं जहां लोगों को अस्थायी रूप से ठहराया जा सकता है।’

दिल्ली स्थित गैर सरकारी संगठन सेवा भवन ने कहा कि वह सड़कों पर और अस्थायी आश्रयों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को फिजियोथेरेपी सहायता और दवाएं प्रदान कर रहे हैं।

संगठन के एक स्वयंसेवक मोहित ने कहा, ‘सर्दियों के दौरान, ठंड से जोड़ों में दर्द और अकड़न बढ़ने के कारण बुजुर्ग लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। सेवा भवन में, हम वरिष्ठ नागरिकों को गठिया और चलने-फिरने में होने वाली समस्याओं से निपटने में मदद करने के लिए दवाओं के साथ-साथ बुनियादी फिजियोथेरेपी सहायता भी प्रदान कर रहे हैं। दर्द के कारण कई लोग ठीक से चल या सो नहीं पाते हैं और इस मौसम में समय पर चिकित्सा देखभाल से बहुत फर्क पड़ता है।’

दिल्ली स्थित एक अन्य गैर सरकारी संगठन, ‘विशेज एंड ब्लेसिंग्स’ ने अपनी वार्षिक शीतकालीन राहत पहल ‘6 वीक्स ऑफ वार्मथ’ शुरू की है, जिसका उद्देश्य शहर भर में कमजोर समूहों को निरंतर सहायता प्रदान करना है।

दिल्ली स्थित राहगिरी फाउंडेशन ने कहा कि उसने खुले में सो रहे लोगों की पहचान करने और उन्हें आश्रय स्थलों में जाने के लिए राजी करने के लिए रात्रि गश्त तेज कर दी है।

यह कार्यक्रम 15 दिसंबर को शुरू हुआ जिसका उद्देश्य बेघरों, दिहाड़ी मजदूरों, बुजुर्गों और असुरक्षित परिस्थितियों में रहने वाले परिवारों की सहायता करना है।

मौसम विभाग ने बताया कि छह जनवरी तक शहर के कुछ चुनिंदा इलाकों में शीत लहर चलने की आशंका है।

शीत लहर तब घोषित की जाती है जब न्यूनतम तापमान औसत तापमान से 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है।

भाषा

राखी नरेश

नरेश


लेखक के बारे में