नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने राजधानी में डेनिम रंगने वाली एक इकाई पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा लगाए गए 10 लाख रुपये के जुर्माने को चुनौती देने वाली अपील खारिज कर दी है।
पर्यावरण संस्था ने इस बात पर जोर दिया कि ज्यादा प्रदूषण वाली ‘लाल श्रेणी’ में आने वाली औद्योगिक गतिविधियों को जरूरी मंजूरी के बिना गैर-अनुपालन वाले इलाकों में काम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज की एक पीठ डेनिम रंगने वाली इकाई पर पर्यावरण को हुए नुकसान के लिए 10 लाख रुपये का हर्जाना लगाने वाले दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के 17 जुलाई, 2025 के आदेश के खिलाफ अपील पर सुनवाई कर रही थी।
अधिकरण ने 24 अगस्त के अपने आदेश में अपील करने वाले अजीज खंड की इस दलील को खारिज कर दिया कि वे पेशे से ‘रंगरेज’ (पारंपरिक रंगाई करने वाले) हैं और उन्हें यह काम करने का अधिकार था। अधिकरण ने कहा कि इस दलील का “कोई मतलब नहीं है क्योंकि खंड डीपीसीसी से जरूरी मंजूरी लिए बिना, नॉन-कन्फॉर्मिंग इलाके (जहां कोई विशेष गतिविधि प्रतिबंधित हो) में ‘लाल श्रेणी’ वाली औद्योगिक गतिविधि को अंजाम दे रहे थे।”
अधिकरण ने कहा, “हमें लगता है कि डीपीसीसी ने आदेश जारी करने में कोई गलती नहीं की है और इसमें दखल देने का कोई आधार नहीं बनता है। इसलिए, अपील में कोई दम नहीं है और इसे खारिज किया जाता है।”
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