Orchha Ram Raja Lok: महाकाल लोक के बाद अब ओरछा की बारी! रामराजा लोक से बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर, CM मोहन यादव का बड़ा प्लान

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ओरछा के रामराजा लोक में जारी निर्माण और जीर्णोद्धार कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राचीन धरोहरों को संरक्षित रखते हुए निर्माण कार्य समय-सीमा और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य ओरछा समेत प्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों को धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करना है।

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  • Publish Date - August 31, 2026 / 07:13 PM IST,
    Updated On - August 31, 2026 / 07:19 PM IST

Orchha Ram Raja Lok: Image Source : FILE

HIGHLIGHTS
  • ओरछा में भव्य रामराजा लोक का निर्माण जारी, CM मोहन यादव ने लिया जायजा
  • सावन-भादो स्तंभों समेत प्राचीन धरोहरों के संरक्षण पर विशेष जोर
  • ओरछा, चित्रकूट, दतिया समेत प्रमुख तीर्थस्थलों के समग्र विकास की तैयारी

भोपाल : Orchha Ram Raja Lok मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ओरछा को पर्यटन के अद्भुत केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। ओरछा का राम राजा मंदिर हमारे गौरवशाली अतीत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संपदा है। यहां के मंदिर एवं महल तत्कालीन समृद्ध स्थापत्य के प्रत्यक्ष उदाहरण हैं, जो हमें हमारी प्राचीन धरोहर और संस्कृति से जोड़े रखते हैं। ये तत्कालीन उन्नत तकनीक और स्थापत्य के भी अद्भुत उदाहरण हैं, पहले एअर कंडीशनर नहीं होते थे, लेकिन यहां के भवन वातानुकूलित बने है, जो गर्मी में ठंडे और ठंड में गर्मी का एहसास कराते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज ओरछा स्थित ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केन्द्र रामराजा लोक में जारी निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा में यह विचार-व्यक्त किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्माणाधीन रामराजा लोक परिसर में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करते हुए प्रतिष्ठान संचालकों से संवाद किया तथा उनकी समस्याओं और सुझावों को सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्राप्त समस्याओं के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जुझार सिंह महल में चल रहे निर्माण तथा जीर्णोद्धार कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने जहांगीर महल का भ्रमण कर यहां की ऐतिहासिक एवं समृद्ध स्थापत्य कला का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को निरीक्षण के दौरान आर्किटेक्ट द्वारा मंदिर परिसर स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक ‘सावन-भादो’ स्तंभों के संरक्षण एवं उनके स्थापत्य महत्व के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। बताया कि रामराजा लोक की संरचना एवं विकास कार्यों को आकार देते समय मंदिर परिसर की प्राचीन धरोहरों, विशेषकर ‘सावन-भादो’ स्तंभों के मूल स्वरूप एवं ऐतिहासिक महत्व का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। बुंदेलखंड की विशिष्ट स्थापत्य कला के प्रतीक इन प्राचीन स्तंभों की संरचना एवं निर्माण शैली अपने समय की उन्नत तकनीक को दर्शाती है। नए निर्माण कार्यों के दौरान इन प्राचीन संरचनाओं को किसी प्रकार की क्षति नही पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखते हुए उनके आसपास के क्षेत्र को व्यवस्थित, सुंदर एवं श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे गौरवशाली बुन्देला राजाओं का ओरछा बुंदेलखंड की राजधानी के रूप पहचाना जाता था। यहां के प्राचीन महल और भवन, हमारी समृद्ध विरासत हैं, उसे जीवंत करने के लिए सरकार काम कर रही है। तत्कालीन समय में निर्माण कार्यों में जिस प्रकार की सामग्री लगाई जाती थी, उसी सामग्री से भवनों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह है कि हमारे गौरवशाली अतीत के प्रतीक ये भवन उसी स्वरूप में दिखें जिस स्वरूप में वह वर्षों पहले थे। इसके लिए हमारे अधिकारियों के नेतृत्व और मार्गदर्शन में कुशल कारीगर काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाकाल महालोक के निर्माण के बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, उज्जैन की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है। इसी तर्ज पर मध्यप्रदेश के प्रमुख तीर्थस्थलों जैसे ओरछा, चित्रकूट, दतिया, नलखेड़ा, पशुपतिनाथ मंदसौर आदि का भी समग्र विकास किया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास में, लम्बी अवधि चित्रकूट में व्यतीत की। भगवान श्रीकृष्ण की जहां शिक्षा भी हुई, उज्जैन के सांदीपनि आश्रम सहित भगवान श्रीकृष्ण की जहां-जहां लीलाएं हुईं, उन सब स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। हमारी गौरवशाली विरासत को धार्मिक सांस्कृतिक भावनाओं के अनुरूप आने वाली पीढ़ियों से जोड़ने और उन्हें इस अतीत से परिचित कराने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित हैं, इन्हें संरक्षित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। ओरछा में भव्य रामराजा लोक का निर्माण किया जा रहा है, जो आने वाले समय में देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख तीर्थस्थल बनेगा।

इस अवसर पर शिवप्रकाश, वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल, राज्यसभा सांसद महेश केवट, पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, विधायक निवाड़ी अनिल जैन, राजेश पटेरिया, अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर सागर अनिल सुचारी, आईजी मिथलेश शुक्ला, जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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ओरछा में रामराजा लोक क्यों विकसित किया जा रहा है?

ओरछा को देश-दुनिया के श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से रामराजा लोक का निर्माण किया जा रहा है।

रामराजा लोक के निर्माण में किन बातों का ध्यान रखा जा रहा है?

प्राचीन मंदिरों, महलों और ‘सावन-भादो’ स्तंभों जैसी ऐतिहासिक धरोहरों के मूल स्वरूप और स्थापत्य महत्व को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

. रामराजा लोक बनने से क्या फायदा होगा?

धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।