लाल किला के निकट हुए विस्फोट मामले में पांच आरोपियों की एनआईए हिरासत 16 जनवरी तक बढ़ी
लाल किला के निकट हुए विस्फोट मामले में पांच आरोपियों की एनआईए हिरासत 16 जनवरी तक बढ़ी
नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने लाल किला के निकट धीमी गति से चलती एक कार में हुए विस्फोट के मामले में तीन चिकित्सकों और एक मौलवी सहित पांच आरोपियों की एनआईए हिरासत बुधवार को 16 जनवरी तक बढ़ा दी।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चंदना ने डॉ. अदील राथेर, डॉ. शाहीन सईद, डॉ. मुजम्मिल गनेई, मौलवी इरफान अहमद वागे और जसीर बिलाल वानी की हिरासत बढ़ाने संबंधी राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की याचिका को स्वीकार कर लिया।
एजेंसी ने अपने रिमांड पत्र में कहा है कि आरोपियों का कुछ विरोधाभासी बातों पर अन्य सह-आरोपियों, संदिग्धों और गवाहों से आमना-सामना कराना आवश्यक है।
इसमें इस बात पर जोर दिया गया कि आरोपी व्यक्तियों को जम्मू कश्मीर, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) सहित विभिन्न स्थानों के बारे में कुछ तथ्यों और परिस्थितियों की विशेष जानकारी थी।
रिमांड पत्र में कहा गया है कि कुछ गवाहों और जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों से प्राप्त डेटा के तकनीकी विश्लेषण से ये तथ्य सामने आए हैं।
इसमें कहा गया है कि आरोपियों की हिरासत के बाद सामने आए ‘‘कुछ कूट शब्द’’ और ‘‘अन्य आपत्तिजनक सामग्री’’ का विश्लेषण करने की जरूरत है।
रिमांड पत्र के अनुसार, व्यापक साजिश का पर्दाफाश करने और इससे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आरोपी की हिरासत की अवधि बढ़ाना भी आवश्यक है।
एनआईए की याचिका में मामले से जुड़े संचार और गतिविधियों की कड़ी का पता लगाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
आत्मघाती हमलावर उमर-उन-नबी उस कार को चला रहा था, जिसमें पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के निकट विस्फोट हुआ था। कार में विस्फोटक रखे हुए थे। इस घटना में 15 लोग मारे गए थे।
एनआईए ने मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
भाषा सुभाष मनीषा
मनीषा

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