एनआईए ने हिजबुल के दो ओजीडब्ल्यू के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया

एनआईए ने हिजबुल के दो ओजीडब्ल्यू के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया

एनआईए ने हिजबुल के दो ओजीडब्ल्यू के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:51 pm IST
Published Date: May 29, 2021 11:47 am IST

नयी दिल्ली, 29 मई (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में अलग-अलग जगहों पर आतंकवादी हमले करने की आपराधिक साजिश से जुड़े एक मामले में शनिवार को हिजबुल मुजाहिदीन के दो ‘ओवरग्राउंड वर्कर्स’ (ओजीडब्ल्यू) के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया।

जांच एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ के निवासियों निसार अहमद शेख (52) और निषाद अहमद बट (42) के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत लखनऊ में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण की विशेष अदालत के समक्ष आरोप पत्र दायर किया गया।

अधिकारी ने बताया कि राज्य और देश के अन्य हिस्सों में विभिन्न स्थानों पर आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने के लिए हिज्ब-उल-मुजाहिदीन सदस्यों द्वारा आपराधिक साजिश के सिलसिले में कामरुज जमां और अन्य के खिलाफ 12 सितंबर ,2018 को पहली बार लखनऊ में मामला दर्ज किया गया था।

प्रवक्ता के अनुसार एनआईए ने 24 सितंबर, 2018 को फिर से मामला दर्ज किया था और जांच अपने हाथ में ले ली थी।

उन्होंने कहा कि एनआईए ने पहले 11 मार्च, 2019 को गिरफ्तार किये गये जमां और फरार आरोपी ओसामा बिन जावेद के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। जावेद बाद में उसी साल 28 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।

उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि जावेद को आरोपी शेख और बट ने शरण दी थी और उसकी मदद की थी।

अधिकारी ने कहा कि जावेद और हिजबुल मुजाहिदीन के अन्य आतंकवादियों के लिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था शेख किया करता था। उन्होंने कहा कि मामले में विस्तृत जांच जारी है।

भाषा

देवेंद्र उमा

उमा


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