टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान को न्यायिक हिरासत में भेजा गया

टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
Modified Date: May 11, 2026 / 06:37 pm IST
Published Date: May 11, 2026 6:37 pm IST

नासिक/छत्रपति संभाजीनगर, 11 मई (भाषा) नासिक की एक अदालत ने टीसीएस यौन उत्पीड़न-जबरन धर्मांतरण मामले में आरोपी निदा खान को सोमवार को 24 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

खान को पुलिस हिरासत समाप्त होने के बाद दिन में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के. जी. जोशी की अदालत में पेश किया गया।

सात मई को छत्रपति संभाजीनगर से खान को गिरफ्तार किया गया था। वह सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के नासिक कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा शिकायतें दर्ज कराए जाने के बाद फरार हो गई थी।

सुनवाई के दौरान पुलिस ने हिरासत नहीं मांगी, जिसके बाद खान को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। खान गर्भवती है और उसे नासिक रोड केंद्रीय कारागार में रखा गया है।

खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत यौन उत्पीड़न और मानहानि की धाराओं के अलावा, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति से संबंध रखती है और आरोप है कि खान ने यह बात जानते हुए भी उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की।

नासिक पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) इस संबंध में दर्ज नौ मामलों की जांच कर रहा है। इनमें से एक मामला देवलाली कैंप थाने में और आठ मामले मुंबई नाका थाने में दर्ज हैं।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ताओं ने शोषण, जबरन इस्लाम धर्म स्वीकार कराने के प्रयास, धार्मिक भावनाएं आहत करने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।

देवलाली कैंप थाने में दर्ज प्राथमिकी में नामजद होने बाद 27 वर्षीय खान ने पिछले महीने सत्र अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। उसने याचिका में अपनी तीन महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए खुद को निर्दोष बताया था। हालांकि, अदालत ने दो मई को उसकी याचिका खारिज करते हुए कहा था कि इस मामले में पीड़िता को “सुनियोजित तरीके से बरगलाए जाने” की आशंका दिखाई देती है।

इस बीच, छत्रपति संभाजीनगर के महापौर समीर राजुरकर ने कहा कि खान को शरण देने के आरोपी एआईएमआईएम के नेता मतीन पटेल के घर से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद उनकी नगर परिषद सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पटेल पर खान और उसके परिजन को शरण देने का आरोप है, जिसके बाद छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम ने उनके घर पर कथित अवैध निर्माण को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया है।

महापौर राजुरकर ने पत्रकारों से कहा, “यदि पटेल ने कोई अवैध कार्य किया है, तो उनकी नगर परिषद सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की गई है, जिसमें यह स्पष्ट है कि नगर निकाय चुनाव के लिये नामांकन पत्र भरते समय कोई जानकारी छिपाई नहीं जानी चाहिए।”

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप


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