कश्मीर में रात का तापमान हिमांक बिंदु से नीचे रहा, हिमाचल प्रदेश के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी
कश्मीर में रात का तापमान हिमांक बिंदु से नीचे रहा, हिमाचल प्रदेश के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी
नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) कश्मीर में शुक्रवार को रात का तापमान हिमांक बिंदु से नीचे रहा, हालांकि अधिकांश क्षेत्रों में तापमान में वृद्धि दर्ज की गयी।
वहीं, हिमाचल प्रदेश के लिए गरज-चमक के साथ बारिश का ‘येलो’ अलर्ट जारी किया गया।
कश्मीर में शनिवार से ‘चिल्लई खुर्द’ की शुरुआत हुई और भीषण सर्दी का दौर समाप्त हुआ।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया है।
श्रीनगर शहर में शुक्रवार रात न्यूनतम तापमान शून्य से 0.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जो पिछली रात के 1.3 डिग्री सेल्सियस से कम था।
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने जम्मू-कश्मीर के डोडा-किश्तवाड़ क्षेत्र को हिमाचल प्रदेश से जोड़ने वाले 112 किलोमीटर लंबे मार्ग पर शनिवार को यातायात बहाल कर दिया।
पिछले सप्ताह भीषण सर्दी के बीच बर्फ को हटाने के लिए चलाए गए अभियान के बाद यह संभव हो पाया है।
किश्तवाड़-संसारी मार्ग पर काम पूरा हो चुका है और यह सड़क केंद्र शासित प्रदेश को हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति क्षेत्र से जोड़ती है।
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में एक फरवरी को भारी हिमपात और बारिश का पूर्वानुमान जताया है।
साथ ही, राज्य के सभी 12 जिलों के लिए गरज के साथ तूफान, बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।
राज्य के मध्य व ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में तीन फरवरी तक हिमपात और बारिश जारी रहने की आशंका है, जबकि इस दौरान मैदानी और निचले पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा।
राज्य भर में चार फरवरी से मौसम शुष्क रहने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार को न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से 1.7 डिग्री कम है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी।
विभिन्न मौसम केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, पालम में न्यूनतम तापमान 8.1 डिग्री सेल्सियस, लोधी रोड में 7.1 डिग्री सेल्सियस, रिज केंद्र पर 7.7 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं, दिल्ली के मुख्य मौसम केंद्र सफदरजंग में रात का तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 278 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि देश में फरवरी में मौसम सामान्य से अधिक गर्म रहने और बारिश कम होने का अनुमान है, खासकर हिमालयी क्षेत्र में जहां सर्दियों के शुष्क होने को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से जोड़ा जा सकता है।
आईएमडी ने कहा कि पूरे देश में फरवरी में होने वाली बारिश सामान्य से कम रहने की उम्मीद है और न्यूनतम और अधिकतम तापमान, दोनों सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है।
पंजाब और हरियाणा में जनवरी में उम्मीद से ज्यादा बारिश हुई।
दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में ठंड का प्रकोप जारी है और कुछ क्षेत्रों में कोहरे के कारण दृश्यता भी कमी आई है।
पंजाब में फरीदकोट सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में पंजाब और हरियाणा दोनों राज्यों में सामान्य से अधिक बारिश हुई।
पंजाब में 34.4 मिलीमीटर बारिश हुई, जो सामान्य से 69 प्रतिशत अधिक है।
मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब में सामान्य तौर पर जनवरी में 20.3 मिमी बारिश होती है।
पंजाब के अमृतसर, बरनाला, फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, जालंधर, कपूरथला, लुधियाना, मानसा और मोगा में अपेक्षा से अधिक बारिश हुई, जबकि बठिंडा और फरीदकोट में अपेक्षित स्तर से कम बारिश हुई।
मौसम विभाग ने बताया कि जनवरी में हरियाणा में सामान्य (14.5 मिमी) से 35 प्रतिशत अधिक 19.6 मिमी बारिश हुई।
अंबाला, भिवानी, गुरुग्राम, फतेहाबाद, हिसार, झज्जर, करनाल, पंचकूला, पानीपत और यमुनानगर में अधिक बारिश हुई जबकि चरखी दादरी, सिरसा, सोनीपत में कम बारिश हुई।
दोनों राज्यों की साझा राजधानी चंडीगढ़ में जनवरी में सामान्य से 69 प्रतिशत अधिक 63.6 मिमी बारिश हुई।
चंडीगढ़ में घना कोहरा छाया रहा और शहर का न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
यहां मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पंजाब के अमृतसर, पटियाला और लुधियाना सहित कई स्थानों पर व हरियाणा के अंबाला, करनाल और हिसार में भी कोहरा देखा गया।
एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान के अनेक इलाकों में शनिवार से बादल छाए रहने व बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, आज एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के ऊपर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से 31 जनवरी व एक फरवरी को जयपुर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर संभाग तथा शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में बादल छाए रहने व आकाशीय बिजली के साथ कुछ भागों में हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार एक और नया पश्चिमी विक्षोभ दो फरवरी को सक्रिय होगा, जिससे पूर्वी राजस्थान के कोटा, जयपुर, अजमेर व भरतपुर संभाग के कुछ भागों में हल्की मध्यम बारिश की गतिविधियां तीन से चार फरवरी को भी जारी रहने की संभावना है।
भाषा जितेंद्र दिलीप
दिलीप

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