कर्नाटक में इबोला का मामला नहीं: सरकार
कर्नाटक में इबोला का मामला नहीं: सरकार
बेंगलुरु, 27 मई (भाषा) कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने बुधवार को बताया कि युगांडा की 28 वर्षीय जिस महिला में इबोला वायरस के लक्षण दिखने का संदेह था, उसकी जांच रिपोर्ट में वायरस की पुष्टि नहीं हुई है।
अधिकारियों के अनुसार, इबोला प्रभावित क्षेत्र से आई महिला को मंगलवार को शरीर में दर्द जैसे हल्के लक्षण दिखने के बाद एक होटल से यहां के सरकारी महामारी रोग अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
उसके रक्त के नमूने एकत्र किए गए और जांच के लिए पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान को भेजे गए।
सूत्रों के अनुसार, महिला को निगरानी के लिए अस्पताल में पृथकवास में रखा गया था और उसकी स्वास्थ्य स्थिति अच्छी बताई गई है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘राज्य में सामने आए इबोला के संदिग्ध मामले की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि वह महिला इबोला वायरस से संक्रमित नहीं है।’
उन्होंने कहा, ‘जन स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक चिकित्सा प्रोटोकॉल और एहतियाती उपायों का सख्ती से पालन किया गया।’
राव ने कहा कि कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और जन स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के हित में सभी आवश्यक उपाय करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
उन्होंने कहा, ‘नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है, उन्हें निर्धारित स्वास्थ्य दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए और केवल सरकार व स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी और सलाह पर ही भरोसा करना चाहिए।’
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 17 मई को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) और युगांडा में इबोला के प्रकोप को अंतरराष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (पीएचईआईसी) घोषित किया।
कई अफ्रीकी देशों में इबोला के प्रकोप के जवाब में कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित देशों की यात्रा करने वाले व्यक्तियों को लौटने के बाद जांच और 21 दिनों तक स्व-निगरानी की सलाह दी थी।
विभाग ने कहा कि जिन लोगों में लक्षण दिखाई दें उन्हें तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में रिपोर्ट करना चाहिए, जबकि त्वरित प्रतिक्रिया दल (आरआरटी) निगरानी गतिविधियां चलाएंगे।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की वेबसाइट के अनुसार, इबोला एक गंभीर बीमारी है, जो अक्सर मनुष्यों और अन्य स्तनपायी प्राणियों को प्रभावित करती है और जानलेवा साबित होती है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय अफ्रीका के कुछ हिस्सों में हाल ही में सामने आए इबोला के प्रकोप के बाद इसकी स्थिति पर नजर रख रहा है, जबकि अधिकारियों ने कहा कि भारत में अभी तक इबोला वायरस का कोई मामला सामने नहीं आया है।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश

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