नए बेअदबी विरोधी कानून में अपराधियों के लिए बचने का कोई रास्ता नहीं: पंजाब के वित्त मंत्री चीमा
नए बेअदबी विरोधी कानून में अपराधियों के लिए बचने का कोई रास्ता नहीं: पंजाब के वित्त मंत्री चीमा
चंडीगढ़, 19 अप्रैल (भाषा) पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने रविवार को जोर देकर कहा कि नए बेअदबी विरोधी कानून में अपराधियों के लिए न्याय से बचने का कोई रास्ता नहीं छोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने रविवार को इसकी घोषणा की कि पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक 2026 को अपनी मंजूरी दे दी है।
गुरु ग्रंथ साहिब के विरुद्ध किसी भी प्रकार की बेअदबी के कृत्य के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक के जुर्माने सहित कठोर दंड के प्रस्ताव वाला विधेयक 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित किया गया और राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा गया था।
यहां पत्रकारों से बात करते हुए चीमा ने इस कानून को सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने और गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता को कायम रखने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया। उन्होंने कहा, ‘इतिहास गवाह है कि अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी बेअदबी की घटनाएं हुईं, विशेष रूप से 1986 की नकोदर घटना और 2015 के बरगारी और बेहबल कलां मामले।’
वित्त मंत्री ने कहा, ‘पिछली सरकारों में विभिन्न आयोगों और विशेष जांच टीम के गठन के बावजूद कार्रवाई रिपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण सबूत गायब हो गए और जांच फाइल धूल खाती रहीं, जिससे अपराधी और षड्यंत्रकारी कानून से बच निकले।’
उन्होंने जोर देकर कहा कि भगवंत मान सरकार ने दशकों से ठप पड़ी जांचों में तेजी लाने के लिए अथक प्रयास किए हैं।
उन्होंने कहा, ‘पहली बार राजनीतिक संरक्षण का आनंद लेने वाली प्रमुख हस्तियों को अदालतों से अग्रिम जमानत मांगने के लिए मजबूर होना पड़ा है।’ उन्होंने सरकार की इस प्रतिबद्धता की पुष्टि की कि सामाजिक या राजनीतिक कद की परवाह किए बिना प्रत्येक अपराधी को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
भाषा
शुभम दिलीप
दिलीप

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