मेघालय के पश्चिम गारो पर्वतीय जिले में हिंसा की कोई नयी घटना नहीं, कर्फ्यू दो दिन और बढ़ाया गया
मेघालय के पश्चिम गारो पर्वतीय जिले में हिंसा की कोई नयी घटना नहीं, कर्फ्यू दो दिन और बढ़ाया गया
शिलांग, 11 मार्च (भाषा) मेघालय के पश्चिम गारो पर्वतीय जिले में दो समूहों के बीच झड़प के दौरान पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत के एक दिन बाद बुधवार को स्थिति शांत लेकिन तनावपूर्ण बनी रही। अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय प्रशासन ने कर्फ्यू की अवधि दो दिन के लिए बढ़ा दी है।
अधिकारियों के अनुसार, जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी और कर्फ्यू बृहस्पतिवार मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा। क्षेत्र में हिंसा की किसी नयी घटना की सूचना नहीं है।
एक अधिकारी ने कहा, “स्थिति शांत लेकिन तनावपूर्ण है। किसी भी नई हिंसा को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों के साथ भारतीय सेना को भी तैनात किया गया है।”
मंगलवार को गारो पर्वतीय स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया को लेकर आदिवासी और गैर-आदिवासी समूहों के बीच हुई झड़प के दौरान पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद सरकार ने कर्फ्यू लागू कर सेना को बुलाया था।
जिले के पुलिस अधीक्षक अब्राहम टी संगमा ने बताया कि यह घटना चिबिनांग क्षेत्र में स्थानीय परिषद चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान हुई।
जिला उपायुक्त वी अग्रवाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। कर्फ्यू की अवधि को 13 मार्च की रात 12 बजे तक बढ़ा दिया गया है।”
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि प्रशासन की सहायता के लिए जिले में सेना की पांच टुकड़ियां तैनात की गई हैं। इनमें से तीन टुकड़ियां संभागीय मुख्यालय तुरा में और दो चिबिनांग क्षेत्र में तैनात की गई हैं, जहां पुलिस की गोलीबारी में दो युवकों की मौत हुई थी।
इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर त्वरित कार्रवाई बल और राज्य पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार रात के बाद से हिंसा की किसी नयी घटना की सूचना नहीं मिली है और प्रभावित इलाकों में स्थिति नियंत्रण में है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नियमित गश्त की जा रही है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए है और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
भाषा मनीषा माधव
माधव

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