अन्नाद्रमुक में विभाजन की मंशा नहीं, मंत्री पद की आकांक्षा नहीं : वेलुमणि

अन्नाद्रमुक में विभाजन की मंशा नहीं, मंत्री पद की आकांक्षा नहीं : वेलुमणि

अन्नाद्रमुक में विभाजन की मंशा नहीं, मंत्री पद की आकांक्षा नहीं : वेलुमणि
Modified Date: May 22, 2026 / 10:05 pm IST
Published Date: May 22, 2026 10:05 pm IST

चेन्नई, 22 मई (भाषा) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) से अलग हुए गुट के नेता एस पी वेलुमणि ने शुक्रवार को पार्टी तोड़ने की मंशा से इनकार करते हुए कहा कि विधायकों ने जनादेश के अनुसार तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) को समर्थन दिया है।

उन्होंने कहा कि अन्नाद्रमुक को तमिलनाडु विधानसभा के लिए 23 अप्रैल को हुए चुनाव में अपनी हार स्वीकार करनी चाहिए और पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता से जुड़े ‘अम्मा शासन’ को बहाल करने की दिशा में काम करना चाहिए।

वेलुमणि ने राज्य के पूर्व मंत्री सीवी षनमुगम के साथ मिलकर पार्टी के आदेश के खिलाफ बगावत कर दी थी और टीवीके का समर्थन किया था। हालांकि, उन्होंने रेखांकित किया कि एडप्पाडी के. पलानीस्वामी पार्टी के महासचिव हैं और अन्नाद्रमुक के भीतर एकता बनाए रखने की जरूरत है।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय नीत सरकार में मंत्री बनने की अटकलों पर सफाई देते हुए वेलुमणि ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारा पार्टी को तोड़ने या उसमें फूट डालने का कोई इरादा नहीं है। हमने जनादेश का सम्मान करते हुए टीवीके का समर्थन किया।’’

वेलुमणि ने कहा कि न तो उन्होंने और न ही षनमुगम ने नवगठित सरकार में पद की लालसा व्यक्त की।

उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री जब षनमुगम के आवास पर आए, तो उन्हें एक ज्ञापन सौंपा गया जिसमें सरकार से अन्नाद्रमुक शासन की कल्याणकारी योजनाओं को जारी रखने का आग्रह किया गया, जिसमें अम्मा कैंटीन और नवविवाहिता के लिए स्वर्ण सहायता योजना शामिल है।

वेलुमणि ने कहा, ‘‘पलानीस्वामी पार्टी के महासचिव बने रहेंगे। अन्नाद्रमुक हमारी जीवनरेखा है।’’

भाषा धीरज अविनाश

अविनाश


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