कोटा के अस्पतालों में सीजेरियन के बाद संक्रमण का कोई नया मामला नहीं आया: अधिकारी
कोटा के अस्पतालों में सीजेरियन के बाद संक्रमण का कोई नया मामला नहीं आया: अधिकारी
कोटा (राजस्थान), 14 मई (भाषा) कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएचसीएच) और जेके लोन अस्पतालों में पिछले सप्ताह कथित तौर पर (प्रसव) सर्जरी के बाद की जटिलताओं के कारण चार महिलाओं की मौत के बाद प्रसवोत्तर संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
कोटा के एनएमसीएच में सिजेरियन के बाद इलाज करा रही छह महिलाओं में से एक को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि एक अन्य वेंटिलेटर पर है । बाकी चार महिलाएं मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में हैं एवं उनकी स्थिति स्थिर है।
एनएमसीएच के अतिरिक्त प्रिंसिपल डॉ. आरपी मीणा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि जेके लोन अस्पताल से रेफर की गई पिंकी की हालत गंभीर बनी हुई है और वह वेंटिलेटर पर है।
उन्होंने कहा कि आरती आईसीयू में ‘फेस मास्क ऑक्सीजन’ पर है और उसमें सुधार के लक्षण दिख रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सुशीला, धन्नोबाई और रागिनी की हालत स्थिर है और वे स्वस्थ हो रही हैं। उन्होंने कहा कि रागिनी की किडनी ने काम करना शुरू कर दिया है, जबकि चंद्रकला स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी पा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि एनएमसीएच और जेके लोन दोनों अस्पतालों में अब तक सी-सेक्शन के बाद संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है।
पिछले सोमवार को सीजेरियन से प्रसव के बाद छह महिलाओं की हालत अचानक बिगड़ गई। एनएमसीएच और जेके लोन अस्पताल में दो-दो महिलाओं की सीजेरियन प्रसव के बाद जटिलताओं के कारण मृत्यु हो गई।
भाषा
राजकुमार प्रशांत
प्रशांत

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