पार्टी आलाकमान से ऊपर कोई नहीं: कांग्रेस की पंजाब इकाई के नेता राणा गुरजीत
पार्टी आलाकमान से ऊपर कोई नहीं: कांग्रेस की पंजाब इकाई के नेता राणा गुरजीत
चंडीगढ़, नौ जुलाई (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई में गुटबाजी की अटकलों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधायक राणा गुरजीत सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि पार्टी आलाकमान से ऊपर कोई नहीं है।
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और खुद राणा गुरजीत सिंह, सुखजिंदर रंधावा एवं भारत भूषण आशु सहित कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं द्वारा पंजाब के दौरे पर आए कांग्रेस के राज्य प्रभारी भूपेश बघेल से अब तक मुलाकात नहीं किए जाने के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘आलाकमान से ऊपर कोई नहीं है।’’
बघेल 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं।
राणा गुरजीत ने यह दिखाने की कोशिश की कि कांग्रेस की पंजाब इकाई में ‘‘सब ठीक है’’ लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि वह, चन्नी या पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले अन्य नेता बघेल से कब मुलाकात करेंगे।
बघेल ने पार्टी की प्रदेश इकाई के नेतृत्व में किसी बदलाव की संभावना से बुधवार को इनकार करते हुए कहा था कि ऐसे फैसले ‘‘गुड्डा-गुड्डी का खेल’’ नहीं होते। उन्होंने यह भी कहा था कि वह जालंधर से सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री चन्नी से मुलाकात करेंगे। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि चन्नी कांग्रेस की राज्य इकाई का अध्यक्ष नहीं बनाए जाने से नाराज हैं।
कांग्रेस ने एक जुलाई को घोषणा की थी कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे तथा चन्नी को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।
राज्य इकाई के अध्यक्ष पद पर चन्नी के नाम पर पुनर्विचार की मांग का कई मौजूदा और पूर्व विधायकों द्वारा समर्थन किए जाने के कुछ दिनों बाद, सोमवार को कई वरिष्ठ नेताओं ने मोहाली में चन्नी की मौजूदगी में बैठक की थी।
चन्नी, रंधावा, आशु, परगट सिंह और गुरकीरत सिंह ने यहां राणा गुरजीत के आवास पर बृहस्पतिवार को मुलाकात की। हालांकि, राणा ने कहा कि वे कपूरथला में नगर निकाय चुनाव से जुड़े एक मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एकत्र हुए थे।
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने बघेल से फोन पर बात की है, राणा ने कहा, ‘‘मैंने बघेल से फोन पर बात नहीं की है और न ही उनसे कोई मुलाकात हुई है।’’
पार्टी में कथित गतिरोध समाप्त होगा या नहीं, इस सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘कहां है गतिरोध? सब ठीक है।’’
हालांकि, उन्होंने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि वह बघेल से कब मुलाकात करेंगे।
पंजाब में अगले वर्ष की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होंगे। बघेल पांच दिवसीय दौरे पर सोमवार को पंजाब पहुंचे थे और तब से उन्होंने कई नेताओं से मुलाकात की है लेकिन चन्नी और उनके करीबी माने जाने वाले अन्य नेताओं ने उनसे अब तक मुलाकात नहीं की है।
चन्नी ने बुधवार को अपने आवास पर मीडिया से बातचीत की और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार को विभिन्न मुद्दों को लेकर निशाना बनाया लेकिन उन्होंने कांग्रेस की पंजाब इकाई के भीतर हो रही गतिविधियों पर टिप्पणी करने से परहेज किया।
बघेल ने वडिंग को कांग्रेस की प्रदेश इकाई का अध्यक्ष बनाए रखने के फैसले पर पुनर्विचार की अटकलों को खारिज करते हुए बुधवार को कहा था, ‘‘जब आलाकमान ने फैसला कर लिया है तो उसे बदला नहीं जाता। कोई गुड्डा-गुड्डी का खेल है क्या कि बार-बार निर्णय बदला जाएगा?’’
भाषा सिम्मी रंजन
रंजन

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