किसी को नहीं पता राहुल गांधी किस दुनिया में रहते हैं : गिरिराज सिंह

किसी को नहीं पता राहुल गांधी किस दुनिया में रहते हैं : गिरिराज सिंह

किसी को नहीं पता राहुल गांधी किस दुनिया में रहते हैं : गिरिराज सिंह
Modified Date: March 12, 2026 / 04:06 pm IST
Published Date: March 12, 2026 4:06 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि गांधी को खुद ही नहीं पता कि वह किस दुनिया में रहते हैं।

सिंह ने कांग्रेस पर संसद में मुद्दे उठाकर और फिर बहस में भाग न लेकर भ्रम फैलाने और जनता के पैसे की बर्बादी करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘किसी को नहीं पता कि राहुल गांधी किस दुनिया में रहते हैं; शायद उन्हें खुद भी नहीं पता। लोगों को शायद उनकी तस्वीर किसी मनोवैज्ञानिक को भेजनी पड़े। शायद कोई मनोवैज्ञानिक ही इसका पता लगा सके।”

सिंह ने यह टिप्पणी लोकसभा में गांधी की कम उपस्थिति के आरोपों का जिक्र करते हुए की।

मंत्री ने कहा, “ये लोग देश के दुश्मन हैं, ये लोकतंत्र के दुश्मन हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में बहस में भाग न लेकर वे गरीबों के पैसे की बर्बादी करते हैं।

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष के प्रस्ताव का हवाला देते हुये उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन्हें कुछ कहना है तो वह सदन चलने दें और वहीं अपने मुद्दे रखें। बुधवार को उन्हें पता था कि यदि मतदान हुआ तो उनकी पोल खुल जाएगी, इसलिए उन्होंने हंगामा किया और सदन से भाग गये।’’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए थे लेकिन आखिरी समय में उससे पीछे हट गए।

उन्होंने कहा, “आपने देखा कि वे हमारे स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए और अंत में नाटक करने के बाद भाग गए। उनके पास अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाने या मत विभाजन कराने का साहस नहीं था। ऐसा लगा कि वे खुद ही बंटे हुए थे और उनके बीच एकता नहीं थी।”

उन्होंने यह बात संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही, जिसमें उन्होंने बिरला के खिलाफ विपक्ष की कार्रवाई का जिक्र किया।

सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संसद की कार्यवाही में भाग लेने के बजाय भ्रम फैलाने में समय बिताती है।

उन्होंने कहा, “इनका एकमात्र काम देश में भ्रम फैलाना है। अब कांग्रेस पार्टी के पास करने के लिए बस यही काम रह गया है।”

भाषा रंजन रंजन नरेश

नरेश


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