No Vande Mataram in Kerala: ‘नहीं गाया जाएगा पूरा ‘वंदे मातरम’…चाहे नरेन्द्र मोदी हमें गोली मारने की धमकी ही क्यों न दें’ स्वतंत्रता दिवस से पहले इस राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कह दी बड़ी बात

No Vande Mataram in Kerala: 'नहीं गाया जाएगा पूरा 'वंदे मातरम'...चाहे नरेन्द्र मोदी हमें गोली मारने की धमकी ही क्यों न दें' स्वतंत्रता दिवस से पहले इस राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कह दी बड़ी बात

No Vande Mataram in Kerala: ‘नहीं गाया जाएगा पूरा ‘वंदे मातरम’…चाहे नरेन्द्र मोदी हमें गोली मारने की धमकी ही क्यों न दें’ स्वतंत्रता दिवस से पहले इस राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कह दी बड़ी बात

No Vande Mataram in Kerala: 'नहीं गाया जाएगा पूरा 'वंदे मातरम'...चाहे नरेन्द्र मोदी हमें गोली मारने की धमकी ही क्यों न दें' स्वतंत्रता दिवस से पहले इस राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने कह दी बड़ी बात / Image: AI Generated

Modified Date: August 9, 2026 / 04:36 pm IST
Published Date: August 9, 2026 4:16 pm IST
HIGHLIGHTS
  • ‘वंदे मातरम्’ के पूरे संस्करण के गायन को लेकर विवाद खड़ा हो गया
  • राज्य में पहले की तरह केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाएंगे
  • कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन और माकपा ने केंद्र के निर्देशों पर सवाल उठाए

कासरगोड/तिरुवनंतपुरम: No Vande Mataram in Kerala केरल के स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन और कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने रविवार को कहा कि राज्य में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण नहीं गाया जाएगा। मुरलीधरन ने संवाददाताओं से कहा कि केरल में हमेशा की तरह राष्ट्रगीत के केवल पहले दो अंतरा ही गाए जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व में भी राज्य सरकार के सभी कार्यक्रमों में केवल पहले दो अंतरा ही गाए जाते थे और यह व्यवस्था अब भी जारी रहेगी।’ उन्नीथन ने कहा कि केरल में ‘‘इस जन्म में’’ पूरा ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाया जाएगा। सांसद ने एक टीवी चैनल से कहा कि उन्हें मुख्य सचिव द्वारा राष्ट्रीय गीत के पूर्ण गायन के संबंध में दिए गए किसी निर्देश की जानकारी नहीं है, लेकिन ‘‘चाहे नरेन्द्र मोदी हमें गोली मारने की धमकी ही क्यों न दें’’ इसे पूरा नहीं गाया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह उसी तरह गाया जाएगा जिस तरह अब तक गाया जाता रहा है। इससे अधिक कुछ नहीं गाया जाएगा।’’

पूरा ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाया जाएगा: मुरलीधरन

No Vande Mataram in Kerala दोनों नेताओं की यह प्रतिक्रिया केरल के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा के छह अगस्त के उस पत्र के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के तहत 2022 में शुरू किए गए इस अभियान के 2026 संस्करण को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में आयोजित स्मरणोत्सव के तीसरे चरण के साथ जोड़ दिया गया है। पत्र के अनुसार, यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति की मंजूरी के बाद लिया गया। तदनुसार, पत्र में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान सभी आयोजनों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ-साथ वंदे मातरम् का सामूहिक गायन शामिल होगा, जबकि डिजिटल भागीदारी ‘हर घर तिरंगा’ पोर्टल के माध्यम से होगी जहां नागरिक ‘‘तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी’’ अपलोड कर सकते हैं।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान के बाद लिया फैसला

यह पत्र संस्कृति मंत्रालय के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के संबंध में मिले एक आदेश के बाद जारी किया गया था, जो इस वर्ष नौ से 17 अगस्त तक मनाया जाएगा। पत्र में यह भी कहा गया है कि वंदे मातरम् के गायन के संबंध में भारत सरकार के निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। मुरलीधरन ने कहा कि मुख्य सचिव कभी-कभी केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत परिपत्र जारी करते हैं क्योंकि ऐसा करना उनका कर्तव्य है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन केरल इसे स्वीकार नहीं करेगा। हम अपनी पुरानी व्यवस्था ही जारी रखेंगे। राज्य सरकार के सभी कार्यक्रमों में उसी पुराने प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। केवल पहले दो अंतरा ही गाए जाएंगे।’ मंत्री ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राष्ट्रगीत का पूर्ण गायन इसलिए हुआ था क्योंकि वह कार्यक्रम राज्यपाल की मौजूदगी में आयोजित किया गया था।

केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाएगा

उन्होंने कहा कि सभी राज्यों में राज्यपाल की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों में केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है, ‘लेकिन केरल सरकार के किसी भी कार्यक्रम में केंद्र सरकार के प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, हमारे ही प्रोटोकॉल का पालन होगा।’ उन्नीथन ने आरोप लगाया कि लोक भवन ‘‘ओछी राजनीति के केंद्र बन गए हैं और राज्यपाल अब धनबल के सहारे लोकतंत्र को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं।’’ उन्होंने दावा किया, ‘‘ऐसे में हम राज्यपालों से क्या न्याय की उम्मीद कर सकते हैं? वे सभी केंद्र सरकार के गुलाम बन गए हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम वंदे मातरम के पूर्ण गायन को स्वीकार नहीं कर सकते। इस जन्म में तो बिल्कुल नहीं।’’ विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राष्ट्रीय गीत का पूर्ण गायन कराने संबंधी इस पत्र को जारी किए जाने की आलोचना की है और इसे वापस लेने की मांग की है। उसने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार ऐसे निर्देश जारी करके आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के एजेंडे के आगे घुटने टेक रही है।

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"दीपक दिल्लीवार, एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 10 साल का एक्सपीरिएंस है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक ऑनलाइन समाचार वेबसाइट से की थी, जहां उन्होंने राजनीति, खेल, ऑटो, मनोरंजन टेक और बिजनेस समेत कई सेक्शन में काम किया। इन्हें राजनीति, खेल, मनोरंजगन, टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल और बिजनेस से जुड़ी काफी न्यूज लिखना, पढ़ना काफी पसंद है। इन्होंने इन सभी सेक्शन को बड़े पैमाने पर कवर किया है और पाठकों लिए बेहद शानदार रिपोर्ट पेश की है। दीपक दिल्लीवार, पिछले 5 साल से IBC24 न्यूज पोर्टल पर लीडर के तौर पर काम कर रहे हैं। इन्हें अपनी डेडिकेशन और अलर्टनेस के लिए जाना जाता है। इसी की वजह से वो पाठकों के लिए विश्वसनीय जानकारी के सोर्स बने हुए हैं। वो, निष्पक्ष, एनालिसिस बेस्ड और मजेदार समीक्षा देते हैं, जिससे इनकी फॉलोवर की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। काम के इतर बात करें, तो दीपक दिल्लीवार को खाली वक्त में फिल्में, क्रिकेट खेलने और किताब पढ़ने में मजा आता है। वो हेल्दी वर्क लाइफ बैलेंस करने में यकीन रखते हैं।"