नोएडा प्रदर्शन: उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने श्रमिकों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया
नोएडा प्रदर्शन: उत्तर प्रदेश सरकार की उच्च स्तरीय समिति ने श्रमिकों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया
नोएडा, 14 अप्रैल (भाषा) उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति ने मंगलवार को कहा कि वह नोएडा में प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों से बातचीत के लिए तैयार है और उनसे आग्रह किया कि वे बातचीत के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान करने के लिए आगे आएं।
समिति ने इस अशांति को पड़ोसी राज्य हरियाणा में हुए इसी तरह के विरोध प्रदर्शनों से भी जोड़ा।
फैक्टरी श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के एक दिन बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने कहा कि नोएडा में आंदोलन हरियाणा में हुई घटनाओं से प्रेरित प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा, “यह घटना पड़ोसी राज्य हरियाणा में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद हुई है। इसकी शुरुआत हरियाणा में हुई और इसका असर नोएडा में भी देखा गया।”
उन्होंने कहा, “लेकिन हम श्रमिकों से बातचीत कर रहे हैं और संवाद के लिए तैयार हैं। वे आकर हमसे बात कर सकते हैं और अपनी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।”
समिति के सदस्यों ने कहा कि सोमवार को श्रमिकों और उद्यमियों दोनों के साथ विस्तृत चर्चा की गई जिसमें सैकड़ों हितधारकों से बातचीत हुई और दोनों पक्षों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सिफारिशें तैयार की गई हैं।
उन्होंने विरोध प्रदर्शनों को भड़काने में “बाहरी असामाजिक तत्वों” की भूमिका की ओर भी इशारा किया और कहा कि अशांति शुरू होने के बाद से स्थानीय प्रशासन और पुलिस सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रधान सचिव शनमुगा सुंदरम एमके ने कहा कि समिति ने संतुलित दृष्टिकोण अपनाने के लिए व्यापक विचार-विमर्श किया।
उन्होंने कहा, “हमने श्रमिकों और उद्यमियों दोनों से बात की है। हमने लगभग दो घंटे तक मंथन किया और संतुलन बनाने का प्रयास किया। यह इसलिए है क्योंकि सरकार हमेशा सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास करती है और समाज के हर वर्ग का ध्यान रखती है। मुख्यमंत्री ने भी निर्देश दिया है कि समिति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखे।”
गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा कि सरकार ने वेतन वृद्धि की श्रमिकों की प्रमुख मांग स्वीकार कर ली है और श्रम स्थितियों में सुधार के लिए अतिरिक्त निर्देश भी जारी किए हैं।
उन्होंने कहा, “श्रमिकों के वेतन में वृद्धि की प्राथमिक मांग को स्वीकार करने के लिए मैं मुख्यमंत्री और उच्च स्तरीय समिति के प्रति आभार व्यक्त करती हूं। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि श्रमिकों का वेतन हर महीने की 10 तारीख से पहले उनके खातों में जमा किया जाए।”
रूपम ने बताया कि श्रमिकों को नवंबर से पहले वार्षिक बोनस दिया जाएगा और ओवरटाइम तथा साप्ताहिक अवकाश के दिनों में किए गए कार्य के लिए दोगुना वेतन मिलेगा।
उन्होंने कहा, “सभी स्थानों पर यौन उत्पीड़न की शिकायतों के समाधान के लिए समितियां गठित की जाएंगी, जिनकी अध्यक्षता महिलाएं करेंगी। शिकायत पेटियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।”
जिलाधिकारी ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और सभी से गौतम बुद्ध नगर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी बताया कि कॉल सेंटर और नियंत्रण कक्ष के नंबर जारी किए गए हैं, जहां श्रमिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, और प्रशासन इस पर कड़ी नजर रखते हुए तत्काल कार्रवाई करेगा।
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा में अशांति के बाद सभी श्रमिक श्रेणियों के लिए न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि की है, जिसकी संशोधित दरें एक अप्रैल से पूर्वव्यापी रूप से लागू कर दी गई हैं।
आधिकारिक बयान के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों को अब 13,690 रुपये प्रति माह (पहले 11,313 रुपये) मिलेंगे, जबकि अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
भाषा सं खारी पवनेश
पवनेश

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