उत्तर मध्य रेलवे बना देश में ऊर्जा संरक्षण का अग्रणी ज़ोन
उत्तर मध्य रेलवे बना देश में ऊर्जा संरक्षण का अग्रणी ज़ोन
प्रयागराज, तीन मई (भाषा) पर्यावरण संरक्षण और सतत ऊर्जा उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक मिशन के रूप में आगे बढ़ा रहे उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के 10 भवनों को ऊर्जा संरक्षण ब्यूरो (बीईई) ने ‘शून्य/शून्य-प्लस’ प्रमाण पत्र प्रदान किया है।
उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि इन भवनों में धौलपुर (राजस्थान) का यात्री आरक्षण कार्यालय, झांसी का वैगन मरम्मत कारखाना परिसर का प्रशिक्षण केंद्र, अलीगढ़ का पार्सल कार्यालय, कानपुर विद्युत लोको शेड के 4 भवन और महाप्रबंधक कार्यालय, प्रयागराज के 3 भवन शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि अगले चरण में 19 भवनों की पहचान की गई है, जिनमें बीईई प्रमाणीकरण की पूर्ण संभावना है। इनमें सूबेदारगंज स्टेशन, एमडीडीटीआई कानपुर, खजुराहो और टीकमगढ़ स्टेशन, झांसी वैगन कारखाने के कई भवन आदि शामिल हैं।
त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2024-25 (अप्रैल से मार्च) में एनसीआर ने 12.7 मेगावाट क्षमता के सौर संयंत्रों से 1.187 करोड़ यूनिट स्वच्छ ऊर्जा (सौर ऊर्जा) का उत्पादन किया जिससे 5.34 करोड़ रुपये की बचत हुई है और लगभग 9968 मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन रोका गया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के अंत तक 17.84 मेगावाट के नए सौर संयंत्र लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे सालाना 3.23 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन होगा और 14.9 करोड़ रुपये की अनुमानित बचत होगी।
भाषा राजेंद्र जोहेब
जोहेब

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