स्कूल शिक्षकों के जनगणना कार्य से जुड़ी अधिसूचना वापस ली गई: पश्चिम बंगाल सरकार

स्कूल शिक्षकों के जनगणना कार्य से जुड़ी अधिसूचना वापस ली गई: पश्चिम बंगाल सरकार

स्कूल शिक्षकों के जनगणना कार्य से जुड़ी अधिसूचना वापस ली गई: पश्चिम बंगाल सरकार
Modified Date: August 19, 2026 / 07:40 pm IST
Published Date: August 19, 2026 7:40 pm IST

कोलकाता, 19 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय को अवगत कराया कि उसने शिक्षकों को स्कूल समय के बाद और सप्ताहांत में जनगणना कार्य में लगाने संबंधी अधिसूचना वापस ले ली है।

यह कदम जनगणना ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों के कार्य समय को लेकर राज्य और केंद्र के बीच समन्वय की कमी पर उच्च न्यायालय द्वारा चिंता जताने के एक दिन बाद उठाया गया।

अदालत ने कहा कि जनगणना कार्य और शिक्षकों की विद्यालयी जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाया जाना चाहिए।

स्कूल शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी सौंपे जाने से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जहां जनगणना प्राधिकरण ने जनगणना कार्य के लिए सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक का समय निर्धारित किया है, वहीं राज्य सरकार का कहना है कि शिक्षक यह कार्य स्कूल समय के बाद और सप्ताहांत में करेंगे।

राज्य सरकार के वकील ने बुधवार को अदालत को बताया कि सरकार ने शिक्षकों को स्कूल समय के बाद और सप्ताहांत में जनगणना कार्य करने का निर्देश देने वाली अधिसूचना वापस ले ली है।

उन्होंने अदालत में दलील दी कि जनगणना अधिनियम की धारा 15ए यह सुनिश्चित करती है कि जनगणना कार्य से किसी कर्मचारी के नियमित सेवाकाल, नौकरी की स्थिति या पदोन्नति के अवसरों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

वकील ने यह भी बताया कि प्रत्येक गणनाकर्मी को एक महीने में 150 घरों तक जाना है यानी प्रतिदिन औसतन पांच घर। उन्होंने कहा कि यह बहुत अधिक कार्यभार नहीं है।

हालांकि, याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता बिकास रंजन भट्टाचार्य ने कहा कि शिक्षकों को या तो विद्यालय का काम सौंपा जाना चाहिए या जनगणना की ड्यूटी दी जानी चाहिए; दोनों जिम्मेदारियां एक साथ नहीं दी जा सकतीं।

जनगणना प्राधिकरण की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि जनगणना कार्य में लगाए गए कर्मचारियों की ड्यूटी की समय-सारिणी प्राधिकरण निर्धारित नहीं करता।

अधिसूचना वापस लेते हुए पश्चिम बंगाल स्कूल शिक्षा निदेशालय ने कहा कि जनसंख्या सर्वेक्षण कार्य के लिए शिक्षकों की तैनाती इस तरह की जानी चाहिए कि इससे शिक्षण गतिविधियां प्रभावित न हों।

राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विद्यालयों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां बाधित हुए बिना जनगणना से जुड़ी जिम्मेदारियां पूरी की जा सकें।

भाषा खारी अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में