एनएसयूआई ने पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों को लेकर भुवनेश्वर में प्रदर्शन किया

एनएसयूआई ने पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों को लेकर भुवनेश्वर में प्रदर्शन किया

एनएसयूआई ने पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों को लेकर भुवनेश्वर में प्रदर्शन किया
Modified Date: June 18, 2026 / 08:47 pm IST
Published Date: June 18, 2026 8:47 pm IST

भुवनेश्वर, 18 जून (भाषा) कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को भुवनेश्वर में प्रदर्शन किया और नयी स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों को लेकर स्कूल और जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग की।

पोस्टर, बैनर और उडिया वर्णमाला की लोकप्रिय प्रारंभिक पुस्तक ‘मधु वर्णबोध’ की प्रतियां लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ता मंत्री के सरकारी आवास की ओर बढ़े और घेराव करने की कोशिश की।

पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को आवास की ओर बढ़ने से रोका तो कुछ देर के लिए तनाव उत्पन्न हो गया। इसके बाद धक्का-मुक्की हुई और कई एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में पुलिस वाहन में ले जाया गया।

एनएसयूआई नेता याशिर नवाज ने दावा किया कि स्कूली छात्रों के लिए तैयार की गई पाठ्यपुस्तकों में लगभग 1,700 त्रुटियां मिली हैं।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘मंत्री और उनका विभाग छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। लगभग 50 करोड़ रुपये का सार्वजनिक धन व्यर्थ चला गया।’

गोंड के इस्तीफे की मांग करते हुए नवाज ने कहा कि मंत्री अपनी जिम्मेदारियां निभाने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने उन हालात की निष्पक्ष जांच की भी मांग की जिनकी वजह से पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियां हुईं।

इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने भी इन त्रुटियों की आलोचना करते हुए इन्हें ‘पूरी तरह से अस्वीकार्य’ बताया।

एक बयान में छात्र संगठन ने ओडिशा के राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) द्वारा तैयार की गई पाठ्यपुस्तकों में हुई त्रुटियों के लिए जिम्मेदार शिक्षकों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

एबीवीपी ने स्कूल और जन शिक्षा विभाग से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि छात्रों को पुस्तकें वितरित करने से पहले उनमें सभी जरूरी सुधार कर लिए जाएं।

सरकारी स्कूलों के कुछ शिक्षकों द्वारा पाठ्यपुस्तकों में कई त्रुटियां (जैसे कि वर्तनी की त्रुटियां और मशहूर हस्तियों के बारे में गलत जानकारी) का उल्लेख किए जाने के बाद विवाद शुरू हो गया। ये पाठ्यपुस्तकें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार की गई थीं और 2026-27 अकादमिक सत्र के लिए तय की गई थीं।

इस विवाद के बीच मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को गलतियों के जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाने का आदेश दिया।

भाषा

शुभम पवनेश

पवनेश


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