नीट-यूजी विवाद के बाद एनटीए ने सुरक्षा पुख्ता करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की

नीट-यूजी विवाद के बाद एनटीए ने सुरक्षा पुख्ता करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की

नीट-यूजी विवाद के बाद एनटीए ने सुरक्षा पुख्ता करने के लिए 7.5 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की
Modified Date: August 3, 2026 / 03:07 pm IST
Published Date: August 3, 2026 3:07 pm IST

नयी दिल्ली, तीन अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) 2026 प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने मिंटो रोड स्थित अपने मुख्यालय, ओखला स्थित क्षेत्रीय कार्यालयों, भंडारण केंद्रों और अन्य अधिसूचित स्थानों पर चौबीस घंटे की सुरक्षा सेवाओं के लिए 7.5 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की है।

निविदा दस्तावेज के मुताबिक, इस कदम का उद्देश्य एनटीए के कर्मियों, आगंतुकों, संपत्तियों, परिसरों, अभिलेखों, गोपनीय परीक्षा सामग्री, सर्वर रूम, स्ट्रॉन्ग रूम और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों की सुरक्षा करना है।

एनटीए की ओर से 25 जुलाई को जारी आरएफपी (प्रस्ताव के लिए अनुरोध) में कहा गया है कि दो साल के अनुबंध का अनुमानित मूल्य ‘‘बिना किसी बदलाव के 7.5 करोड़ रुपये और जीएसटी’’ है।

दस्तावेज के अनुसार, 17 अगस्त को दोपहर तीन बजे तक बोलियां दर्ज कराई जा सकती हैं, जबकि मुद्रण सेवाओं के लिए निविदा प्रक्रिया 20 अगस्त को समाप्त होगी।

यह अनुबंध शुरुआत में दो साल के लिए मान्य रहेगा और संतोषजनक प्रदर्शन, परस्पर सहमति तथा सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन के अधीन इसे एक-एक वर्ष की दो अतिरिक्त अवधि के लिए बढ़ाया जा सकता है।

दस्तावेज में कहा गया है, ‘‘बोलीदाता के पास बोली जमा करने की अंतिम तिथि तक कम से कम पांच वर्षों के लिए पेशेवर सुरक्षा सेवाएं प्रदान करने का अनुभव होना चाहिए।’’

आरएफपी के तहत बोलीदाताओं के पास केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों, स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, संवैधानिक निकायों, विश्वविद्यालयों, परीक्षा एजेंसियों, आईटी पार्कों, हवाई अड्डों, अस्पतालों, मेट्रो रेल प्रणालियों या चौबीसों घंटे सुरक्षा की आवश्यकता वाले अन्य प्रतिष्ठानों को सुरक्षा सेवाएं प्रदान करने का अनुभव होना आवश्यक है।

दस्तावेज के मुताबिक, बोलीदाताओं का पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान औसत वार्षिक कारोबार कम से कम 10 करोड़ रुपये होना चाहिए।

यह निविदा नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक के बाद महीनों चली गहन जांच के बाद आई है।

नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हो गई थीं। इस विवाद ने गोपनीय परीक्षा सामग्री के प्रबंधन एवं परिवहन, सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील रिकॉर्ड तक अनधिकृत पहुंच को रोकने के उपायों पर सवाल खड़े किए थे।

भाषा खारी पारुल

पारुल


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