उच्चतम न्यायालय में तीन तक पहुंच सकती है महिला न्यायाधीशों की संख्या

उच्चतम न्यायालय में तीन तक पहुंच सकती है महिला न्यायाधीशों की संख्या

उच्चतम न्यायालय में तीन तक पहुंच सकती है महिला न्यायाधीशों की संख्या
Modified Date: September 29, 2026 / 05:39 pm IST
Published Date: September 29, 2026 5:39 pm IST

नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) आने वाले दिनों में उच्चतम न्यायालय में महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर तीन हो सकती है, क्योंकि न्यायालय के कॉलेजियम ने गुजरात उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश सुनीता अग्रवाल को पदोन्नत किये जाने की सिफारिश की है।

उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि उनके नाम के साथ-साथ दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह के नामों को भी अगले कुछ दिनों में उच्चतम न्यायालय में पदोन्नति के लिए मंज़ूरी मिलने की संभावना है।

उच्चतम न्यायालय में फिलहाल दो महिला न्यायाधीश हैं – न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना, जो 31 अगस्त, 2021 से इस न्यायालय में न्यायाधीश हैं, और न्यायमूर्ति वेंकिटा सुब्रमणि मोहना, जिन्हें इस साल दो जून को न्यायालय में नियुक्त किया गया था।

एक बार जब न्यायमूर्ति अग्रवाल की पदोन्नति उच्चतम न्यायालय मे हो जाएगी, तो उनके और न्यायमूर्ति नागरत्ना के पास उच्च न्यायालय में काम करने का अनुभव होगा। न्यायमूर्ति मोहना को सीधे बार से पदोन्नत किया गया था। वह उच्चतम न्यायालय की वरिष्ठ अधिवक्ता थीं।

न्यायमूर्ति नागरत्ना 2027 में एक महीने से ज्यादा समय के लिए भारत की प्रधान न्यायाधीश भी बनेंगी।

न्यायमूर्ति अग्रवाल ने दिसंबर 1990 में वकील के तौर पर पंजीकरण कराया। 21 साल तक वकालत करने के बाद, नवंबर 2011 में उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया और इसके बाद अगस्त 2013 में उन्होंने स्थायी न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली।

न्यायमूर्ति अग्रवाल एक प्रशिक्षित और प्रमाणित मध्यस्थ हैं और वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय के उस पहले समूह का हिस्सा थीं, जिसे मध्यस्थता और सुलह का प्रशिक्षण दिया गया था।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


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