प्रधानमंत्री ने सीईसी को ‘अंपायर’ बनाकर चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ कराई, इस्तीफा दें: कांग्रेस
प्रधानमंत्री ने सीईसी को ‘अंपायर’ बनाकर चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ कराई, इस्तीफा दें: कांग्रेस
नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने मंगलवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से ‘‘अंपायर’’ बनकर चुनावों में ‘‘मैच फिक्सिंग’’ करने का आरोप लगाया और कहा कि कुमार को पद से हटाए जाने के साथ ही प्रधानमंत्री को भी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए।
मुख्य विपक्षी दल ने अपनी शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में यह फैसला भी किया कि ‘‘वोट चोरी’’ के खिलाफ इस मुद्दे को लेकर देशभर में आंदोलन चलाया जाएगा और इसमें दूसरे विपक्षी दलों का भी सहयोग लिया जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पार्टी संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश और कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
खरगे ने कार्य समिति की बैठक में अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग उठाई। बैठक में पारित प्रस्ताव में भी कहा गया कि प्रधानमंत्री को ‘‘नैतिकता के आधार पर’’ त्यागपत्र दे देना चाहिए।
कार्य समिति के प्रस्ताव में कहा गया कि पार्टी मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग करती है, जिन्होंने कांग्रेस के अनुसार अपने ‘‘सभी नैतिक और संस्थागत अधिकार’’ खो दिए हैं।
प्रस्ताव में आरोप लगाया गया, ‘‘प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा खुलेआम ‘वोट चोरी’ को अंजाम दिया गया है।’’
कांग्रेस ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से कम कुछ भी पर्याप्त नहीं होगा।
कार्य समिति ने कहा कि भाजपा और उसके द्वारा चुने गए अधिकारियों को समझ लेना चाहिए कि जनता के मताधिकार से कथित छेड़छाड़ का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ा जाएगा।
पार्टी ने कहा कि वह संसद, अदालतों और सड़कों पर तब तक अपना विरोध और प्रतिरोध करेगी जब तक दोषियों को दंडित नहीं किया जाता, प्रत्येक नागरिक का वोट सुरक्षित नहीं हो जाता और निर्वाचन आयोग को एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था के रूप में पुनर्स्थापित नहीं किया जाता।
बैठक के बाद कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘ज्ञानेश कुमार सिर्फ एक टूल हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देश के बिना वह कुछ नहीं कर सकते। प्रधानमंत्री की नैतिक जिम्मेदारी बनती है, इसलिए हम प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हैं।’’
पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कार्य समिति की बैठक में ‘‘वोट चोरी’’ विषय पर अपने विचार रखे तथा जोर दिया कि वह और कांग्रेस संसद से सड़क तक अपना विरोध और प्रतिरोध जारी रखेगी।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश के अनुसार, कांग्रेस के कारण ही ‘‘वोट चोरी’’ जैसे खुलासे सामने आ रहे हैं और राहुल गांधी पिछले दो साल से इस मुद्दे को उठा रहे हैं।
रमेश ने कर्नाटक के महादेवपुरा, हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने इन चुनावों से संबंधित जानकारी जनता के सामने रखी है।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हमारे देश में जो चुनाव हो रहे हैं, वो निष्पक्ष नहीं हैं, ये नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार के बीच मैच फिक्सिंग वाला चुनाव है।’’
रमेश ने यह भी आरोप लगाया कि ‘‘वोट चोरी’’ से संबंधित सरकार द्वारा 2023 में पारित कानून और बनाए गए अधिनियम गैरकानूनी हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस की राजनीति सिर्फ विरोध की नहीं, बल्कि प्रतिरोध की भी है और पार्टी संसद के भीतर विरोध तथा सड़कों पर प्रतिरोध जारी रखेगी।’’
प्रस्ताव में कांग्रेस कार्यसमिति ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए कहा गया कि उन्होंने “अपने सभी नैतिक और संस्थागत अधिकार खो दिए हैं।”
कार्य समिति ने मतदाता सूचियों की विश्वसनीयता, पारदर्शिता और एसआईआर की संवैधानिक वैधता पर गंभीर चिंता जताते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण को तत्काल निलंबित करने की मांग की है।
उसने यह भी कहा कि एसआईआर के दौरान मतदाता सूचियों से हटाए गए 13.30 लाख लाख नाम तत्काल बहाल करने की मांग की गई है।
कांग्रेस ने कहा कि देश में ‘‘वोट चोरी’’ के खिलाफ उसका अभियान अब राष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग में बदल गया है और वह इन मुद्दों को लेकर देशभर में आंदोलन करेगी।
भाषा हक हक अविनाश
अविनाश

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