ओडिशा: अस्पताल के आईसीयू में भीषण आग लगने से 10 मरीजों की मौत, 11 कर्मचारी झुलसे
ओडिशा: अस्पताल के आईसीयू में भीषण आग लगने से 10 मरीजों की मौत, 11 कर्मचारी झुलसे
(तस्वीरों सहित)
भुवनेश्वर, 16 मार्च (भाषा) ओडिशा सरकार द्वारा संचालित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के आईसीयू में रविवार देर रात भीषण आग लगने से कम से कम 10 मरीजों की मौत हो गयी।
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बताया कि मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के दौरान अस्पताल के करीब 11 कर्मचारी झुलस गए।
मुख्यमंत्री ने छह सदस्यों की एक जांच टीम बनाई है, जो आग लगने की वजह की जांच करेगी और आज शाम तक अपनी रिपोर्ट देगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, विकास आयुक्त डी.के. सिंह की अगुवाई में बनी जांच टीम एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जाएगी और आज शाम तक मुख्य सचिव को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
माझी ने बताया कि आग शायद शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।
एक अधिकारी ने बताया कि आग देर रात ढाई बजे से तीन बजे के बीच लगी और दमकलकर्मी तुरंत अस्पताल पहुंचे व आग बुझाने के लिए अभियान शुरू किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आग लगने की घटना में मरीजों की मौत पर शोक व्यक्त किया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृत व्यक्ति के परिजन को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ओडिशा के कटक स्थित एक अस्पताल में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है। अपनों को खोने वाले सभी लोगों के प्रति गहरी संवेदना। प्रत्येक मृतक के परिजन को पीएमएनआरएफ की ओर से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’’
प्रधानमंत्री ने माझी से फोन पर बात की और हालात का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज में घटी दुखद घटना के संबंध में मुझसे टेलीफोन पर बात की और विस्तृत चर्चा की।’’
माझी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को आपातकालीन उपायों, बचाव अभियान और घायल व्यक्तियों को प्रदान की जा रही विशेष चिकित्सा सेवाओं के बारे में जानकारी दी है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार द्वारा अग्निकांड की न्यायिक जांच के आदेश के बारे में भी बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘इस संवेदनशील समय में, मैं प्रधानमंत्री का उनकी सहानुभूतिपूर्ण चिंता और आवश्यक सहायता के आश्वासन के लिए आभारी हूं।’’
मुख्यमंत्री माझी ने भी प्रत्येक मृतक के परिजन को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने अस्पताल में लगी आग की घटना में हुई जनहानि पर शोक व्यक्त किया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
माझी ने बताया कि ट्रॉमा केयर गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) और उससे सटे आईसीयू व वार्ड में 23 मरीज भर्ती थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आग लगने से सात मरीजों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोगों की मौत दम घुटने से हुई।
उन्होंने कहा कि अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग के आईसीयू में आग लगी, जहां गंभीर रूप से बीमार मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
माझी ने इस मामले में न्यायिक जांच की भी घोषणा की और अग्निशमन सेवा के महानिदेशक को मामले की जांच करने तथा तुरंत उन्हें रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अग्निशमन विभाग के महानिदेशक को निर्देश देता हूं कि वह स्वयं एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दौरा करें और अग्निशमन सुरक्षा नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करें।’’
मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि न्यायिक जांच के बाद रिपोर्ट में अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दमकल सेवा के अधिकारियों ने अस्पताल के कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों व मरीजों के तीमारदारों के साथ मिलकर आईसीयू में भर्ती मरीजों को बाहर निकाला और उन्हें एससीबी अस्पताल के अन्य विभागों में स्थानांतरित किया।
माझी ने स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के साथ अस्पताल का दौरा किया और स्थिति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने संबंधित अधिकारियों को घायल मरीजों और कर्मचारियों के उचित उपचार के निर्देश दिए हैं।’’
माझी ने बताया कि 11 चिकित्सा अधिकारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव अभियान में हिस्सा लिया और उनका अस्पताल के एक वार्ड में इलाज हो रहा है।
उन्होंने बताया, ‘‘पदभार ग्रहण करने के बाद मैंने संबंधित विभाग को सभी चिकित्सा संस्थानों को आग लगने की स्थिति से निपटने के लिए तैयार करने के निर्देश दिए थे और मैंने उन्हें इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया था।’’
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इस उद्देश्य के लिए 2025-26 के वार्षिक बजट में 720 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जबकि आगामी वर्ष (2026-27) के बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सा प्रतिष्ठानों में अग्निशमन उपकरण लगाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, बिजली दो बार गुल हुई और फिर आग लग गई और पूरे आईसीयू में घना धुआं भर गया।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, ‘‘मैंने दमकल कर्मियों को फोन किया और वे लगभग 20 मिनट बाद पहुंचे। इस बीच, मरीजों के परिजनों और तीमारदारों ने चिकित्सा कर्मचारियों के साथ मिलकर मरीजों को बचाने में मदद की।’’
एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसने मरीजों और अस्पताल के कर्मचारियों तक किसी भी तरह की सहायता पहुंचने से पहले एक खिड़की का शीशा तोड़ दिया और आग बुझाने के लिए पानी का इस्तेमाल किया।
उन्होंने बताया, ‘‘अस्पताल की एक नर्स के कहने पर मैंने कुछ विद्युत उपकरणों को बंद कर दिया और आईसीयू से सात मरीजों को बाहर निकाला, जिनकी हालत बहुत गंभीर थी।’’
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सचिव स्वास्थ्य एस ने अस्पताल में पत्रकारों को बताया, ‘‘हमारी पहली प्राथमिकता घायल मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं प्रदान करना है। हमने अपने चिकित्सकों को इसी के अनुरूप कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।’’
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि कम से कम पांच घायलों की हालत गंभीर बतायी जा रही है।
ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ट्रॉमा केयर आईसीयू में भीषण आग लगने की घटना से मैं अत्यंत व्यथित हूं। प्रभावित मरीजों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है और उनका इलाज निर्बाध जारी है। मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं सभी प्रभावित लोगों के साथ हैं और मैं उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’’
भाषा खारी दिलीप
दिलीप

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