ओडिशा: कांग्रेस नेता अधीर ने बंगाली प्रवासी श्रमिकों से मुलाकात की
ओडिशा: कांग्रेस नेता अधीर ने बंगाली प्रवासी श्रमिकों से मुलाकात की
(फाइल फोटो के साथ)
संबलपुर (ओडिशा), चार जनवरी (भाषा) कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने रविवार को ओडिशा के संबलपुर में पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिकों से मुलाकात की और कुछ राज्यों में “समानांतर पुलिसिंग” पर चिंता व्यक्त की, जहां बंगाली मजदूरों से निजी व्यक्तियों द्वारा कथित तौर पर उनकी पहचान का प्रमाण मांगा जा रहा है। चौधरी ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों से इस प्रथा को रोकने का आग्रह किया।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र से पांच बार के पूर्व सांसद चौधरी ने प्रवासी श्रमिकों को यह आश्वासन भी दिया कि कांग्रेस उनके साथ है।
चौधरी ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने यहां कुछ बंगाली प्रवासी श्रमिकों से मुलाकात की और उन्हें बताया कि कांग्रेस उनके साथ है। मैंने उन्हें यह भी बताया कि इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाया गया है।’’
उन्होंने मुर्शिदाबाद के जंगीपुर के रहने वाले 30 वर्षीय बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिक ज्वेल राणा की पिछले महीने संबलपुर में बीड़ी को लेकर हुए विवाद में हत्या पर चिंता व्यक्त की।
यह भी आरोप लगाया गया था कि हमलावरों ने राणा को बांग्लादेशी घुसपैठिया होने का संदेह जताते हुए उसे आधार कार्ड दिखाने को कहा था, हालांकि स्थानीय पुलिस ने इस आरोप का खंडन किया है।
चौधरी ने कहा, ‘‘कुछ राज्यों में समानांतर पुलिसिंग व्यवस्था चल रही है, जहां निजी व्यक्ति प्रवासी श्रमिकों से पहचान पत्र दिखाने को कह रहे हैं। इसे रोका जाना चाहिए और पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी प्रवासी श्रमिक को बांग्लादेशी घुसपैठिया होने के संदेह में गुंडों द्वारा परेशान ना किया जाए।’’
लोकसभा में कांग्रेस के पूर्व नेता ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष उठाया है। चौधरी ने यह भी कहा कि वे इस मामले को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, संबलपुर सांसद एवं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के संज्ञान में लाने की योजना बना रहे हैं।
कांग्रेस नेता चौधरी ने कहा, ‘मैं विभिन्न राज्यों में काम कर रहे बंगाली प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए लड़ूंगा।’
उन्होंने स्थानीय कांग्रेस नेताओं से भी मुलाकात की और उनसे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्क रहने का आग्रह किया।
चौधरी ने संबलपुर के अपने एक दिवसीय दौरे के दौरान उत्तरी रेंज के महानिरीक्षक हिमांशु कुमार लाल और संबलपुर पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार भामू से भी मुलाकात की।
चौधरी से मुलाकात के बाद लाल ने पत्रकारों से कहा, “स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के छह घंटे के भीतर ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जल्द ही आरोपपत्र दाखिल करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि आरोपियों को सजा मिले।”
लाल ने बताया कि पुलिस इस तरह की घटनाओं के प्रति ‘बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने’ की नीति अपना रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त कर रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने एक जागरूकता अभियान शुरू किया है, जिसमें लोगों से कानून को अपने हाथ में नहीं लेने का आग्रह किया गया है।
पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के कुछ कांग्रेस नेताओं के साथ चौधरी ऐंथापली पुलिस थाना क्षेत्र के धनिपाली गए और कुछ बांग्ला भाषी प्रवासी श्रमिकों से मुलाकात की।
पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं।
उन्होंने उस स्थान का भी दौरा किया जहां पिछले साल 24 दिसंबर को राणा की हत्या कर दी गई थी।
प्रवासी श्रमिकों से बातचीत के दौरान, चौधरी ने उनका हालचाल पूछा और उनसे ओडिशा में उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं करने को कहा। चौधरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लोगों के बीच सदियों पुराने सौहार्दपूर्ण संबंध हैं।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के हजारों मजदूर ओडिशा में काम करते हैं और ओडिशा के हजारों मजदूर पश्चिम बंगाल में काम करते हैं। उन्होंने कहा, “हालांकि, अब बांग्लादेशी घुसपैठ के नाम पर स्थिति नकारात्मक मोड़ ले रही है। पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों पर अत्याचार, हिंसा और हत्याएं हो रही हैं। यह दोनों राज्यों को स्वीकार्य नहीं है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रवासी मजदूर आजीविका की तलाश में दूसरे राज्यों में जाते हैं और उनके इरादे पर शक नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “कृपया सभी बांग्ला भाषी लोगों को बांग्लादेशी नहीं समझें।”
भाषा अमित प्रशांत
प्रशांत

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