ओडिशा सरकार हर क्षेत्र में महिला शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है: माझी

ओडिशा सरकार हर क्षेत्र में महिला शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है: माझी

ओडिशा सरकार हर क्षेत्र में महिला शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है: माझी
Modified Date: March 8, 2026 / 01:11 pm IST
Published Date: March 8, 2026 1:11 pm IST

भुवनेश्वर, आठ मार्च (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को कहा कि उनकी सरकार हर क्षेत्र में महिला शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

माझी ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर राज्य की सभी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘महिला शक्ति समाज की असली ताकत है। इसी दृढ़ विश्वास के साथ, हमारी सरकार महिलाओं के व्यापक विकास और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।’

उन्होंने कहा कि आज ओडिशा की महिलाएं ‘सुभद्रा’ योजना के माध्यम से वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त कर रही हैं जबकि ‘लखपति दीदी’ अभियान के माध्यम से नये उद्यमियों के रूप में उभर रही हैं।

उन्होंने रेखांकित किया कि ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला’ योजना लड़कियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा के क्षेत्र में एक नयी क्रांति लाने के लिए तैयार है जबकि ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ उनकी सामाजिक सुरक्षा को मजबूत कर रही है।

उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘हमारे सभी प्रयासों का मौलिक लक्ष्य महिलाओं को सम्मान और समान अवसर प्रदान करना है। स्वास्थ्य से लेकर आत्मनिर्भरता तक, हम हर क्षेत्र में महिला शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आइए हम महिलाओं के अदम्य साहस और सफलताओं का उत्सव मनाएं और एक समतावादी समाज के निर्माण में योगदान दें।’

ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर , मैं उन महिलाओं के अपार योगदान को स्वीकार करता हूं जिनका समर्पण, दृढ़ता और नेतृत्व समाज को निरंतर आकार देता है। उनकी सेवाएं और उपलब्धियां हमारे राष्ट्र की मजबूती और प्रगति में प्रभावशाली शक्ति बनी हुई हैं।’

इस मौके पर महिलाओं को बधाई देते हुए विपक्ष के नेता एवं बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने कहा, ‘महिला सशक्तीकरण हमेशा हमारी सभी योजनाओं के लिए मार्गदर्शक शक्ति रहा है।’’

पटनायक ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘महिला दिवस पर हम न केवल सभी क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व का उत्सव मनाते हैं बल्कि समाज में महिलाओं के लिए एक बड़ी भूमिका सुनिश्चित करने संबंधी अपने संकल्प को भी दोहराते हैं ताकि उनकी आवाज नीति, प्रगति और समृद्धि का अभिन्न अंग बन सके।’

भाषा प्रचेता देवेंद्र

देवेंद्र


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