ओडिशा के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के आरक्षण से संबंधित नया कानून लागू

ओडिशा के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के आरक्षण से संबंधित नया कानून लागू

ओडिशा के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के आरक्षण से संबंधित नया कानून लागू
Modified Date: April 13, 2026 / 09:23 pm IST
Published Date: April 13, 2026 9:23 pm IST

भुवनेश्वर, 13 अप्रैल (भाषा) ओडिशा राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय (शिक्षक संवर्ग में आरक्षण) अधिनियम, 2026 सोमवार से पूरे राज्य में लागू हो गया है। राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति द्वारा इस विधेयक को मंजूरी दिए जाने के साथ ही यह कानून प्रभाव में आया।

उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने कहा कि इस नये कानून के लागू होने से राज्य के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया तेज होगी।

उन्होंने कहा कि ओडिशा राज्य सार्वजनिक विश्वविद्यालय (शिक्षक संवर्ग में आरक्षण) विधेयक, 2026 पर विधानसभा में 31 मार्च की देर रात तक चर्चा के बाद इसे पारित किया गया था।

राज्यपाल के प्रति आभार जताते हुए मंत्री ने इसे एक ऐतिहासिक पहल बताया, जिससे उच्च शिक्षा क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनुसूचित जाति (एससी) और सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (एसईबीसी) का समुचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा।

सूरज ने कहा कि यह कानून राज्य की उच्च शिक्षा प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार लाएगा। इसके तहत आरक्षण लागू करने के लिए प्रत्येक विश्वविद्यालय को एक इकाई माना जाएगा, जबकि पहले विभागवार आरक्षण प्रणाली लागू थी।

नए प्रावधान के तहत प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर जैसे पदों पर सीधी भर्ती में आरक्षण लागू किया जाएगा, जिससे सभी विश्वविद्यालयों में आरक्षित वर्गों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

मंत्री ने यह भी बताया कि हाल ही में राज्य के सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में लंबे समय से रिक्त कुलपति पदों को भी भरा गया है और 14 विश्वविद्यालयों में नियुक्तियां की गई हैं।

भाषा रवि कांत सुरेश

सुरेश


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