अल नीनो की सभी प्रभावों से निपटने को तैयार है ओडिशा सरकार : मंत्री
अल नीनो की सभी प्रभावों से निपटने को तैयार है ओडिशा सरकार : मंत्री
भुवनेश्वर, 13 जून (भाषा) ओडिशा सरकार ने अल नीनो के संभावित प्रभावों को लेकर शनिवार को लोगों से कहा कि इससे घबराने की जरूरत नहीं है और किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने सभी आवश्यक वैकल्पिक योजनाएं तैयार की हुई हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा शुक्रवार को अल नीनो को राज्य के समक्ष प्रमुख चुनौतियों में से एक बताए जाने के बाद इसके संभावित प्रभाव को लेकर चर्चा तेज हो गई थी।
माझी ने कहा था, ‘‘संभावित अल नीनो राज्य के सामने मौजूद चुनौतियों में से एक है।’’
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अल नीनो आमतौर पर सामान्य से कम वर्षा, अधिक तापमान, लंबे शुष्क दौर और सूखे जैसी परिस्थितियों से जुड़ा होता है।
हालांकि , राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने विश्वास जताया कि इस वर्ष मानसून में राज्य में सामान्य बारिश होगी। मानसून शुक्रवार को राज्य के कुछ हिस्सों में दस्तक दे चुका है।
पिछले दो वर्षों में विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक पुस्तिका और वीडियो जारी करते हुए पुजारी ने किसानों से संभावित मौसमीय प्रभाव को लेकर चिंतित न होने की अपील की।
अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद पाढ़ी की मौजूदगी में मंत्री ने कहा, ‘‘अल नीनो की स्थिति के कारण ओडिशा को किसी बड़ी चुनौती का सामना करने का अंदेशा नहीं है। देश के कई हिस्सों में वर्षा कम हो सकती है, लेकिन ओडिशा में स्थिति सामान्य रहने की संभावना है और चिंता की कोई बात नहीं है।’’
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें इस वर्ष भी सामान्य वर्षा की उम्मीद है। यदि कहीं कमी भी होती है, तो उससे निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह तैयार है।’’
पुजारी ने बताया कि उनके विभाग ने अन्य विभागों के साथ समन्वय कर संभावित वर्षा की कमी से निपटने के लिए वैकल्पिक रणनीतियां और आकस्मिक योजनाएं तैयार की हैं।
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ चर्चा जारी है, ताकि मौसम संबंधी किसी भी स्थिति के लिए समन्वित तैयारी की जा सके।
मंत्री ने कहा कि ओडिशा में सामान्य मानसूनी वर्षा औसतन 1,452 मिलीमीटर है और उन्हें उम्मीद है कि इस वर्ष भी वर्षा इसी स्तर के आसपास रहेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने जल संरक्षण, जलाशयों की सुरक्षा और सिंचाई परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पर्याप्त तैयारियां की हैं, ताकि मानसून के दौरान कृषि गतिविधियों को समर्थन मिल सके।’’
इस बीच, विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए भूमि प्रशासन, भ्रष्टाचार नियंत्रण और जनसेवा वितरण में विफलता का आरोप लगाया।
बीजद प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया, ‘‘राजस्व प्रशासन में नामांतरण, रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (आरओआर) के अद्यतन, भूमि राजस्व छूट और मुआवजे से जुड़े मामलों में अभूतपूर्व देरी हो रही है। राज्यभर में हजारों मामले लंबित हैं, जिससे नागरिकों को लंबे समय तक अनिश्चितता, कानूनी विवाद और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।’’
भाषा रवि कांत रवि कांत खारी
खारी
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