ओडिशा: मुर्मू और मोदी ने पहाड़पुर गांव में आदिवासी पवित्र स्थलों पर पूजा-अर्चना की

ओडिशा: मुर्मू और मोदी ने पहाड़पुर गांव में आदिवासी पवित्र स्थलों पर पूजा-अर्चना की

ओडिशा: मुर्मू और मोदी ने पहाड़पुर गांव में आदिवासी पवित्र स्थलों पर पूजा-अर्चना की
Modified Date: June 20, 2026 / 02:26 pm IST
Published Date: June 20, 2026 2:26 pm IST

पहाड़पुर, 20 जून (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव में गोसानी पीठ, संथाली और हो जाहेरा सहित आदिवासी स्थलों पर पूजा-अर्चना की।

प्रधानमंत्री की पहाड़पुर यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच और मीडिया की नजरों से दूर रही।

पहाड़पुर, राष्ट्रपति के दिवंगत पति श्याम चरण मुर्मू का पैतृक गांव है।

पहले से ही गांव में मौजूद मुर्मू ने प्रधानमंत्री के पहुंचने पर उनका स्वागत किया।

मोदी का स्थानीय लोगों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया, जिसमें ढोल-नगाड़ों की धुन, पुष्प वर्षा और पारंपरिक आदिवासी नृत्य शामिल थे।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने सबसे पहले गोसानी पीठ का दौरा किया तथा इसके बाद वे पैदल चलकर संथाली व हो जाहेरा पहुंचे, जहां उन्होंने पौधे लगाए।

ओल चिकी (संथाली भाषा की लिपि) की विद्वान दमयंती बेसरा ने बताया कि जाहेरा वे पवित्र उपवन हैं, जहां आदिवासी देवी-देवताओं की पूजा की जाती है जबकि गोसानी में पूर्वजों के लिए प्रार्थना की जाती है।

बेसरा ने कहा, “यह ओडिशा के आदिवासियों के लिए एक अविस्मरणीय दिन है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री दोनों ने आदिवासी उपवनों में पूजा की।”

परंपरागत रस्म के तहत, पेड़ों के बीच स्थित जाहेरा में प्रवेश करने से पहले मुर्मू, मोदी और उनकी सुरक्षा टीम के सदस्यों को पारंपरिक संथाली वस्त्र भेंट किए गए।

बाद में, वे उस स्कूल में भी गए, जिसकी स्थापना मुर्मू ने अपने दिवंगत पति और अपने दो बेटों लक्ष्मण और सिपुन की स्मृति में की थी।

श्याम चरण मुर्मू और दोनों बेटों का निधन 2022 में मुर्मू के भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनने से पहले ही हो गया था।

मोदी ने श्याम चरण मुर्मू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और पहाड़पुर स्थित स्कूल व कौशल केंद्र में विद्यार्थियों से बातचीत भी की।

दोनों नेताओं ने आदिवासी उत्पादों की प्रदर्शनी का भी दौरा किया।

गांव को फूलों, आदिवासी आकृतियों और मिट्टी की दीवारों पर बने पारंपरिक चित्रों से सजाया गया था।

दोनों नेताओं के स्वागत के लिए बच्चे और महिलाएं सड़कों के किनारे खड़े थे जबकि पूरे गांव में मुर्मू व मोदी के आदमकदम होर्डिंग लगाए गए थे।

मुर्मू और मोदी बाद में रायरंगपुर के लिए रवाना हो गए, जहां वे ओडिशा में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने वाले हैं।

भाषा जितेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल


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