डीएसपी के लाल बालों की आलोचना के बाद ओडिशा पुलिस ने उनसे शिष्टाचार बनाए रखने को कहा
डीएसपी के लाल बालों की आलोचना के बाद ओडिशा पुलिस ने उनसे शिष्टाचार बनाए रखने को कहा
भुवनेश्वर, 30 जनवरी (भाषा) रंगीन बालों और अपरंपरागत ‘हेयर स्टाइल’ को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित अन्य कर्मियों की सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद ओडिशा पुलिस को असहज स्थिति का सामना करना पड़ा है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ताजा घटना जगतसिंहपुर जिले से सामने आई है, जहां पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) रैंक के एक अधिकारी को उसके लाल रंग के बालों के लिए ‘ऑनलाइन ट्रोल’ किया गया।
अधिकारी, जिनकी पहचान रश्मी रंजन दास के रूप में की गई है, की केश सज्जा (हेयरस्टाइल) सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिसकी कई वर्गों से आलोचना हुई।
कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने इस तरह की केश सज्जा को ‘गैर-पेशेवर’ बताया, जबकि अन्य ने सवाल उठाया कि क्या एक वर्दीधारी अधिकारी का इस तरह से बाल रंग कर रखना उपयुक्त है। कई लोगों ने आरोप लगाया कि यह खाकी की साख और गंभीरता को कम करता है।
पुलिस महानिरीक्षक (मध्य रेंज) सत्यजीत नाइक ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘सोशल मीडिया पर डीएसपी को ट्रोल किए जाने के बाद, मैंने जगतसिंहपुर एसपी को निर्देश दिया है कि वह अधिकारी को मर्यादा बनाए रखने और एक वर्दीधारी व्यक्ति के अनुरूप अपनी केश सज्जा के लिए कहें।’’
हालांकि, नाइक ने कहा कि पुलिस विभाग ने इस संबंध में अभी तक कोई परिपत्र या आदेश जारी नहीं किया है।
उन्होंने कहा, ”हमने अधिकारी से शिष्टाचार बनाए रखने को कहा है। सब कुछ लिखित आदेशों से नहीं चलता। कांस्टेबल से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक, पुलिस सेवा में हर किसी को वर्दी का सम्मान करना चाहिए और शिष्टाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।”
वहीं, अपने बालों को रंगने वाली एक महिला पुलिस अधिकारी ने कहा कि कोई भी कानून या नियम इस तरह के विकल्पों पर रोक नहीं लगाता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम पुलिस में हैं और जिम्मेदारी से अपना कर्तव्य निभाते हैं। लोगों को किसी व्यक्ति की केश सज्जा पर टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। अगर हम गलती करते हैं तो हम आलोचना का स्वागत करते हैं, लेकिन बालों को रंगना कोई अपराध नहीं है।’’
भाषा शफीक पवनेश
पवनेश

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