ओडिशा : जनगणना कार्य में लगे दो शिक्षकों की लू लगने से मौत

ओडिशा : जनगणना कार्य में लगे दो शिक्षकों की लू लगने से मौत

ओडिशा : जनगणना कार्य में लगे दो शिक्षकों की लू लगने से मौत
Modified Date: April 27, 2026 / 02:55 pm IST
Published Date: April 27, 2026 2:55 pm IST

भुवनेश्वर/बारीपदा, सात अप्रैल (भाषा) ओडिशा में जनगणना कार्य में लगे दो स्कूल शिक्षकों की दो दिनों के भीतर अलग-अलग घटनाओं में कथित तौर पर लू लगने से मौत हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

ये घटनाएं मयूरभंज और सुंदरगढ़ जिलों में हुईं, जहां तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। राज्य में यह तीसरी ऐसी घटना है।

मयूरभंज जिले के बेतनाती से मिली एक खबर के अनुसार, बेतनाती ब्लॉक के बैद्यनाथ हाई स्कूल के शिक्षक राजकपूर हेमब्रम का रविवार शाम बारीपदा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

हेमब्रम के रिश्तेदार लक्ष्मीकांत हेमब्रम ने बताया कि जनगणना के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने के बाद जब वह (राजकपूर) स्कूल लौटे तो बेहोश हो गए, जिसके उपरांत उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ममता दास ने बताया, ‘‘राजकपूर हेमब्रम को जनगणना कार्य से लौटने के बाद बेचैनी महसूस हुई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। उन्हें जनगणना के लिए तीन गांवों का कार्यभार सौंपा गया था।’’

शिक्षक के परिवार ने आरोप लगाया कि उन्होंने (राजकपूर ने) पहले ही अपने सहयोगियों को बताया था कि बीमार होने के बावजूद अधिकारियों द्वारा उनपर जनगणना कार्य जारी रखने का दबाव बनाया जा रहा है।

सुंदरगढ़ जिले से मिली एक अन्य खबर के अनुसार, गुरुंडिया ब्लॉक के जरादा सरकारी हाई स्कूल के शिक्षक अनुराग एक्का भी शनिवार को जनगणना कार्य के दौरान बीमार पड़ गए और उसी दिन उनकी मृत्यु हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें पहले गुरुंडिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में उनकी हालत बिगड़ने पर जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया।

विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित जिला कलेक्टर मामले की जांच कर रहे हैं और जिला प्राधिकारियों से रिपोर्ट मिलने के बाद ही उनकी मृत्यु के सटीक कारणों का पता चलेगा।

इससे पहले, सोनपुर जिले में जनगणना कार्य में लगे एक कर्मी की कथित तौर पर जनगणना कार्य से लौटने के बाद दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई थी। इक्कीस अप्रैल को जिला कलेक्टरों को भेजे गए एक आधिकारिक पत्र में यह जानकारी दी गई थी।

राज्य सरकार ने पहले ही भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम में काम करने वाले जनगणना अधिकारियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है।

इसके तहत, बढ़ते तापमान के कारण उन्हें पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न तीन बजे तक धूप में निकलने से मना किया गया है। साथ ही उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की भी सलाह दी गई है।

भाषा अमित सुरेश

सुरेश


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