ओडिशा में पिछले 20 महीनों में 54 सांप्रदायिक दंगे, भीड़ हिंसा की सात घटनाएं हुईं : मुख्यमंत्री

ओडिशा में पिछले 20 महीनों में 54 सांप्रदायिक दंगे, भीड़ हिंसा की सात घटनाएं हुईं : मुख्यमंत्री

ओडिशा में पिछले 20 महीनों में 54 सांप्रदायिक दंगे, भीड़ हिंसा की सात घटनाएं हुईं : मुख्यमंत्री
Modified Date: March 9, 2026 / 07:13 pm IST
Published Date: March 9, 2026 7:13 pm IST

भुवनेश्वर, नौ मार्च (भाषा) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को विधानसभा को बताया कि जून 2024 से फरवरी 2026 के बीच राज्य में 54 सांप्रदायिक दंगे और भीड़ हिंसा (भीड़ द्वारा पीट-पीट कर हत्या) की सात घटनाएं दर्ज की गईं।

बीजू जनता दल (बीजद) विधायक गौतम बुद्ध दास के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में मुख्यमंत्री ने जून 2024 से फरवरी 2026 के बीच राज्य के विभिन्न थानों में दर्ज सांप्रदायिक दंगों और भीड़ हिंसा के मामलों का विवरण प्रस्तुत किया।

भाजपा सरकार ने 12 जून, 2024 को राज्य में कार्यभार संभाला था।

मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए जवाब के अनुसार, 54 सांप्रदायिक दंगे पांच जिलों (भद्रक, मलकानगिरी, बालासोर, कोरापुट और खुर्दा) में दर्ज किए गए, जबकि भीड़ हिंसा की सात घटनाएं चार जिलों (देवगढ़, ढेंकनाल, बालासोर और रायगड़ा) में दर्ज की गईं।

ओडिशा पुलिस ने पिछले 20 महीनों में दंगों से जुड़ी घटनाओं में कथित तौर पर शामिल 298 लोगों को गिरफ्तार किया है। भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या के मामलों में कथित संलिप्तता के लिए 61 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

माझी ने बताया कि बालासोर जिले में सांप्रदायिक दंगों की 24 घटनाएं दर्ज की गईं और 95 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इसी तरह ओडिशा पुलिस ने खुर्दा जिले में सांप्रदायिक दंगों के 16 मामले दर्ज किए हैं और 120 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कोरापुट जिले में दंगों की आठ घटनाओं के सिलसिले में 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और अन्य व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए हैं।

इस दौरान मलकानगिरी जिले में दंगे के चार मामले और भद्रक जिले में दो मामले दर्ज किए गए। माझी ने बताया कि मलकानगिरी जिले में हुए दंगों में संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने 26 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि भद्रक जिले में दंगे के दो मामलों में 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि रायगड़ा जिले में भीड़ हिंसा के तीन मामले दर्ज किए गए और 48 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि इस तरह के दो मामले ढेंकनाल में (कोई गिरफ्तारी नहीं) और एक-एक मामले देवगढ़ (छह गिरफ्तार) और बालासोर (सात गिरफ्तार) में दर्ज किये गए।

भाषा संतोष नेत्रपाल अविनाश

अविनाश

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