अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण शुरू, उपराज्यपाल जम्मू से पहले जत्थे को करेंगे रवाना

अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण शुरू, उपराज्यपाल जम्मू से पहले जत्थे को करेंगे रवाना

अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण शुरू,  उपराज्यपाल जम्मू से पहले जत्थे को करेंगे रवाना
Modified Date: July 1, 2026 / 01:52 pm IST
Published Date: July 1, 2026 1:52 pm IST

जम्मू, एक जुलाई (भाषा) वार्षिक अमरनाथ यात्रा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण बुधवार को शुरू हो गया हालांकि इससे एक दिन पहले ही सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु निर्धारित केंद्रों पर जमा हो गये।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा बृहस्पतिवार को यहां भगवती नगर यात्री निवास आधार शिविर से श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को रवाना करेंगे।

एक अधिकारी ने बताया कि 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर की 57 दिनों की यह यात्रा तीन जुलाई से शुरू होने वाली है।

यह यात्रा अनंतनाग जिले के पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवां-पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले के 14 किलोमीटर लंबे लेकिन अधिक खड़ी चढ़ाई वाले बालटाल मार्ग से होगी।

अब तक लगभग चार लाख श्रद्धालु यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करा चुके हैं।

रातभर हुई बारिश से जम्मू का मौसम सुहावना हो गया लेकिन इससे श्रद्धालुओं के उत्साह पर कोई असर नहीं पड़ा।

यात्रा के लिए पास प्राप्त करने के लिए वे तड़के से ही पंजीकरण केंद्रों के बाहर कतारों में खड़े नजर आए।

टोकन धारकों के लिए मौके पर ही पंजीकरण की प्रक्रिया बुधवार सुबह शुरू हो गई, जबकि देश के विभिन्न हिस्सों से जम्मू पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए लगातार दूसरे दिन भी टोकन वितरण जारी रहा।

पंजीकरण और टोकन वितरण के लिए तवी नदी के तट पर जम्मू कृत्रिम झील के पास गीता भवन, राम मंदिर और भगवती नगर में काउंटर स्थापित किए गए हैं। श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को बृहस्पतिवार तड़के भगवती नगर आधार शिविर से रवाना किया जाएगा।

श्रद्धालुओं में उत्तर प्रदेश निवासी संधू राम किशन भी शामिल थे, जिनका अनोखा पहनावा लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था।

सिर और सीने पर रुद्राक्ष के साथ विभिन्न देशों के सिक्के लगाए हुए किशन ने कहा कि उनका यह पहनावा भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट आस्था को दर्शाता है। किशन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “रुद्र के बिना कुछ नहीं होता।”

श्रद्धालु ने बताया कि उन्होंने 14 वर्षों तक मौन व्रत रखा और वर्ष 2006 से वह इस गुफा के दर्शन के लिए आ रहे हैं।

उन्होंने रुद्राक्ष को आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत बताया और कहा कि वह इस उम्मीद के साथ बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए आए हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिन देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।

पंजीकरण केंद्रों पर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष गूंजते रहे जबकि श्रद्धालु धैर्यपूर्वक अपनी बारी का इंतजार करते रहे।

पुणे से आए छह सदस्यीय परिवार के साथ यात्रा पर पहुंचीं अनुष्का ने कहा कि वह लंबे समय से इस यात्रा पर जाने की इच्छा रखती थीं।

उन्हें इसके लिए अपने पिता से प्रेरणा मिली, जो पिछले 10 वर्षों से हर साल यह यात्रा कर रहे हैं।

अनुष्का ने कहा, “मेरे पिता अगले वर्ष 70 वर्ष के हो जाएंगे और संभव है कि वह अधिक समय तक यह यात्रा जारी न रख सकें। उन्होंने हमें कभी अपने साथ आने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि उनका मानना था कि यह बहुत कठिन यात्रा है।”

उन्होंने कहा, “लेकिन अब हम यहां हैं और हमने यह संकल्प लिया है कि हम सब मिलकर इस यात्रा को पूरा करेंगे।”

राजस्थान से अपने माता-पिता के साथ यात्रा पर आई नीलू सांगानी ने कहा कि अमरनाथ गुफा मंदिर में बाबा के दर्शन और पूजा-अर्चना का अवसर मिलना ही उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है।

भाषा जितेंद्र रंजन

रंजन


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