कोलकाता, नौ जुलाई (भाषा) पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में एक क्लब के अंदर एक लड़की की लोगों के समूह द्वारा पिटाई किये जाने का पुराना वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद, पुलिस ने स्वत:संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया और इस सिलसिले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
बैरकपुर पुलिस ने कहा कि लगभग दो साल पुराने वीडियो में दिख रहे आरोपियों की पहचान होने के बाद पुलिस ने दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया।
भाजपा ने आरोप लगाया कि स्थानीय तृणमूल कांग्रेस विधायक के करीबी व्यक्ति ने लड़की को प्रताड़ित किया है, वहीं राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ने मांग की है कि वीडियो की सत्यता का पता लगाने के लिए इसकी जांच की जाए।
लड़की को प्रताड़ित किये जाने की वजह का पता नहीं चल सका है।
बैरकपुर पुलिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पुलिस ने सोशल मीडिया पर अभी प्रसारित हो रहे एक पुराने वीडियो का संज्ञान लिया है जिसमें एक लड़की पर हमला किया गया है। स्वतः संज्ञान लेते हुए एक आपराधिक मामला शुरू किया गया है। वीडियो में दिख रहे लोगों के खिलाफ सभी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इनमें से 2 लोग हिरासत में लिये जा चुके हैं।”
पुलिस सूत्रों ने बताया कि यह वीडियो कम से कम दो साल पुराना है, जिसकी प्रामाणिकता की पुष्टि ‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा नहीं की गई है।
वीडियो क्लिप में कुछ लोग लड़की के पैर और हाथ पकड़कर उसे हवा में लटकाए हुए हैं, जबकि दो अन्य उसे डंडों से पीट रहे हैं। यह घटना कथित तौर पर उत्तर 24 परगना जिले के अरियादाहा स्थित एक क्लब में हुई थी।
यह क्लिप भाजपा के पश्चिम बंगाल अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने पोस्ट की, जिन्होंने इस घटना के लिए गिरफ्तार जयंत सिंह को जिम्मेदार ठहराया।
सिंह, तृणमूल कांग्रेस विधायक मदन मित्रा का करीबी सहयोगी है।
तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शांतनु सेन ने वीडियो की फोरेंसिक जांच की मांग की और कहा कि यह पश्चिम बंगाल को बदनाम करने की भाजपा की चाल है।
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