पुंछ पहुंचे उमर अब्दुल्ला, बादल फटने की त्रासदी में परिवार के आठ सदस्य खोने वाले ग्रामीण से मिले
पुंछ पहुंचे उमर अब्दुल्ला, बादल फटने की त्रासदी में परिवार के आठ सदस्य खोने वाले ग्रामीण से मिले
जम्मू, पांच अगस्त (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को पुंछ जिले के मुर्रा गांव का दौरा किया और उस ग्रामीण से मुलाकात की, जिसने पिछले महीने बादल फटने से आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन में अपने परिवार के आठ सदस्यों को खो दिया है।
अब्दुल्ला हाल में भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए इस सीमावर्ती जिले पहुंचे। इस आपदा में 16 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि छह अन्य अब भी लापता हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने सुरनकोट के मुर्रा गांव का दौरा कर हाल में बादल फटने की घटना में अपने परिजनों को खोने वाले परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति एकजुटता जताई और सरकार की ओर से हरसंभव सहायता एवं सहयोग का आश्वासन दिया।’’
मुर्रा गांव में 19 जुलाई को बादल फटने से आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन में मोहम्मद लतीफ के परिवार के आठ सदस्यों की मौत हो गई थी।
लतीफ की जान इसलिए बच गई क्योंकि वह हादसे से कुछ मिनट पहले अपनी कार हटाने के लिए घर से बाहर निकले थे। उसी दौरान आधी रात को आई अचानक बाढ़ और भूस्खलन उनके घर को बहा ले गया। अब तक उनके परिवार के चार सदस्यों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि चार अन्य अब भी लापता हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए बचाव एवं खोज अभियान जारी है।
इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक अन्य पोस्ट में कहा था कि अब्दुल्ला हाल की बाढ़ से प्रभावित लोगों से मुलाकात करने और नुकसान तथा राहत की जरूरतों का स्वयं आकलन करने के लिए पुंछ पहुंचे हैं।
पोस्ट में कहा गया, ‘‘मुख्यमंत्री जिला प्रशासन के साथ राहत, पुनर्वास और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए चल रहे कार्यों की भी समीक्षा करेंगे।’’
सुरनकोट इस आपदा से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र रहा, जहां 19 जुलाई की बारिश से जुड़ी घटनाओं में सबसे अधिक लोगों की जान गई। मूसलाधार बारिश के कारण बादल फटे, अचानक बाढ़ आयी और भूस्खलन हुआ, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही मची। कई घर और वाहन बह गए, सड़कें तथा अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा और जिले भर में सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए।
अब्दुल्ला ने 19 जुलाई को जम्मू में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर भारी बारिश के बाद की स्थिति की समीक्षा की थी। उन्होंने पुंछ और उससे सटे राजौरी जिले में वर्षा संबंधी घटनाओं में जान गंवाने वालों के परिजनों को छह-छह लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की थी। राजौरी में इस आपदा में तीन लोगों की मौत हुई थी, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है।
भाषा गोला सिम्मी
सिम्मी

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